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Sunday, 26 April, 2026
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भारत का दवा निर्यात 2025-26 में फरवरी तक 28 अरब डॉलर के पार, पांच प्रतिशत से अधिक वृद्धि

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हैदराबाद, चार अप्रैल (भाषा) भारत का दवा निर्यात पिछले वित्त वर्ष के फरवरी तक सालाना आधार पर पांच प्रतिशत की वृद्धि के साथ 28 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा।

भारतीय दवा निर्यात संवर्धन परिषद के महानिदेशक के राजा भानु ने कहा कि वर्तमान में लगभग 60 अरब डॉलर वाले इस क्षेत्र के 2030 तक बढ़कर 130 अरब अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है।

उन्होंने ‘चिंतन शिविर: औषधि निर्यात में वृद्धि’ के उद्घाटन सत्र में कहा, ‘वैश्विक चुनौतियों के बावजूद दवा निर्यात ने अपनी वृद्धि की गति बनाए रखी है। वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल से फरवरी अवधि के दौरान निर्यात 28.29 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.6 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि में तैयार दवाएं, जैविक उत्पाद, टीके और आयुष उत्पादों का प्रमुख योगदान रहा।’

भानु ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में दवा निर्यात 30.47 अरब डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर 9.4 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, जबकि उस समय वैश्विक कीमतों का दबाव और व्यापार में उतार-चढ़ाव बना हुआ था।

भविष्य की योजना के बारे में भानु ने कहा कि वर्ष 2030 तक 65 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नीतियों को प्राथमिकता देना, पारंपरिक बाजारों से आगे नए बाजारों में विस्तार करना, विदेशी निवेश बढ़ाना और नियमों की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना आवश्यक होगा।

उन्होंने बताया कि दवा उत्पादन के मामले में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है और उसका निर्यात 200 से अधिक देशों तक पहुंचता है। भारत के 60 प्रतिशत से अधिक दवा निर्यात कड़े नियमों वाले बाजारों में होता है, जो इस उद्योग की गुणवत्ता और मानकों को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत और यूरोप की 19 प्रतिशत है।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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