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Sunday, 12 April, 2026
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रूफटॉप, पवन ऊर्जा परियोजनाओं में कमी से नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य से चूका भारत : समिति

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नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने कहा है कि 2022 तक भारत 175 गीगावॉट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने से चूकने की प्रमुख वजह छतों पर (रूफटॉप) सौर परियोजना और पवन ऊर्जा परियोजनाओं स्थापना में कमी है।

भारत ने वर्ष 2022 तक 175 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया था। इनमें सौर से 100 गीगावॉट, पवन से 60 गीगावॉट, बायो-पावर से 10 गीगावॉट और लघु पनबिजली से पांच गीगावॉट क्षमता शामिल थी।

ऊर्जा पर स्थायी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है, हालांकि, देश में 31 दिसंबर, 2022 तक 120.90 गीगावॉट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई थी। यह कुल लक्ष्य का लगभग 69 प्रतिशत है।

समिति ने कहा, ‘‘नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की स्थापना में 2014 के बाद से 236 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। यह वास्तव में एक सराहनीय उपलब्धि है। लक्ष्य पाने में विफलता की वजह रूफटॉप और पवन ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना में कमी है।

समिति ने सुझाव दिया कि देश की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता को 2030 तक 500 गीगावॉट तक बढ़ाने की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को लक्ष्यों को तेजी से हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को आवेदनों को स्वीकृत या अस्वीकार करने, नेट मीटर लगाने, प्रणाली का निरीक्षण करने आदि के लिए एक सख्त समयसीमा दी जानी चाहिए। उन्हें राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदनों को नामंजूर करने की वजह बतानी चाहिए।

भाषा रिया अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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