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Saturday, 25 July, 2026
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अमेरिका के धारा 301 उपायों के तहत भारत पर लगा कम शुल्क, 45 प्रतिशत निर्यात दायरे से बाहरः मंत्रालय

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नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) सरकार ने शनिवार को कहा कि अमेरिका ने कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़ी धारा 301 जांच के तहत उठाए गए कदमों के अंतर्गत भारत को 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क की निचली श्रणी में रखा है।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के कार्यालय ने 23 जुलाई को अमेरिकी व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 301 के तहत संबंधित देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की थी।

ये उपाय भारत सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं के कृत्यों, नीतियों और प्रथाओं की जांच के बाद किए गए हैं, जो बंधुआ मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसके अनुपालन से संबंधित हैं।

यूएसटीआर ने भारत से आयात पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लगाया है। शुरुआत में अमेरिका ने 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था।

बंधुआ मजदूरी से तैयार उत्पादों के आयात को लेकर गई जांच के दौरान भारत ने विस्तृत लिखित प्रस्तुतियों एवं प्रत्यक्ष परामर्श के माध्यम से यूएसटीआर के साथ लगातार निकट संपर्क बनाए रखा। उसने सार्वजनिक सुनवाई में भी शिरकत की।

वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “लगातार किए गए इन प्रयासों का नतीजा यह है कि भारत को अंतिम उपायों के तहत अतिरिक्त शुल्क के निचले स्तर में रखा गया है, जिससे प्रमुख क्षेत्रों में भारतीय निर्यात को तुलनात्मक लाभ मिलेगा।”

मंत्रालय ने कहा कि भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात का एक बड़ा हिस्सा, जिस पर वर्तमान में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता, अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क के दायरे से बाहर बना हुआ हैं। इनमें जेनेरिक दवाएं, स्मार्टफोन और कुछ अन्य निर्दिष्ट उत्पाद शामिल हैं।

इसके अलावा, यूएसटीआर की धारा 232 उपायों के तहत पहले से शामिल इस्पात, एल्युमिनियम और वाहन कलपुर्जे जैसे उत्पाद इस अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क के अधीन नहीं हैं।

अमेरिका व्यापार प्रशासन की धारा 232 में शामिल शुल्क सीमित अपवादों के साथ व्यापक रूप से सभी देशों पर लागू होते हैं।

मंत्रालय ने कहा, “इन छूटों के कारण, अनुमानतः भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात का 45 प्रतिशत हिस्सा अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क के दायरे से बाहर बना हुआ है।”

मंत्रालय के मुताबिक, बाकी 55 प्रतिशत निर्यात पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लगेगा, लेकिन भारत पर शुल्क का प्रभाव जांच में शामिल अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अपेक्षाकृत कम है।

सरकार ने यह भी कहा कि अंतिम उपायों में संदर्भित वस्त्र-विशिष्ट व्यवस्था को अभी स्थापित और लागू किया जाना बाकी है और भारत इस विषय पर द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए जारी वार्ताओं के हिस्से के रूप में अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखे हुए है।

मंत्रालय ने कहा, “सरकार इस साल दो फरवरी को घोषित और सात फरवरी को जारी संयुक्त बयान के अनुरूप भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने की दिशा में अमेरिका के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

भाषा प्रेम प्रेम योगेश

योगेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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