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Monday, 20 April, 2026
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ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ व्यापार नीति का आकलन कर रहा भारतः सूत्र

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नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘अमेरिका प्रथम व्यापार नीति’ ज्ञापन का परीक्षण कर रहा है ताकि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर इसके प्रभाव का आकलन किया जा सके। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार अमेरिका है।

सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस का अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) को दिया गया निर्देश भारत जैसे देशों के लिए एक सकारात्मक घटनाक्रम है। यूएसटीआर को उन देशों को चिह्नित करने के लिए कहा गया है जिनके साथ अमेरिका द्विपक्षीय या क्षेत्र-विशिष्ट आधार पर समझौतों पर बात कर सकता है।

सूत्र ने कहा, “हम इस ज्ञापन का अध्ययन और परीक्षण कर रहे हैं। हमें कोई भी रणनीति बनाने से पहले चीजों का मूल्यांकन करना होगा। इसे सामान्य रूप से पढ़ने से अभी तक मुझे ऐसा कुछ नहीं दिखता है जिसे लेकर हमें चिंतित होने की जरूरत हो। हमारी हर जांच कार्रवाई में तब्दील नहीं होती है।”

इसके साथ ही सरकार अमेरिका में प्रमुख व्यापार अधिकारियों की नियुक्ति की पुष्टि का भी इंतजार कर रही है।

सूत्र ने कहा, “इसकी पुष्टि में थोड़ा समय लगेगा। नियुक्तियों की एक बार पुष्टि हो जाने के बाद चर्चा होगी। भारत और अमेरिका अच्छे व्यापारिक साझेदार हैं।”

ज्ञापन के अनुसार, यूएसटीआर उन देशों की पहचान करेगा जिनके साथ अमेरिका द्विपक्षीय या क्षेत्र-विशिष्ट आधार पर समझौतों पर बातचीत कर सकता है ताकि अमेरिका को निर्यात बाजार तक पहुंच मिले। वह ऐसे संभावित समझौतों के संबंध में सिफारिशें करेगा।

ट्रंप के पहले कार्यकाल में भारत और अमेरिका ने आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक छोटे व्यापार समझौते पर चर्चा की थी। लेकिन उनके बाद जो बाइडन के कार्यकाल में इस टाल दिया गया था क्योंकि वह मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के पक्ष में नहीं थे।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों के मुताबिक, ज्ञापन में दिए गए संकेतों को देखते हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत बहाल हो सकती है।

आर्थिक शोध संस्थान जीटीआरआई ने कहा है कि अगर अमेरिका घरेलू वस्तुओं पर उच्च शुल्क लगाता है तो भारत को भी समान उपायों के साथ जवाब देना चाहिए।

वित्त वर्ष 2023-24 में अमेरिका 119.71 अरब डॉलर के द्विपक्षीय कारोबार के साथ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। इसमें 77.51 अरब डॉलर का निर्यात, 42.19 अरब डॉलर का आयात और 35.31 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष शामिल था।

भाषा अनुराग प्रेम

प्रेम

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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