पणजी, छह नवंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक अपने वार्षिक इस्पात उत्पादन को बढ़ाकर 30 करोड़ टन और 2047 तक 50 करोड़ टन करने का है।
कोयला और खान मंत्री ने कहा कि अधिक उत्पादन से आम आदमी के लिए इस्पात को किफायती बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की उपस्थिति में यहां दो दिवसीय खनन मंत्रियों के सम्मेलन के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रेड्डी ने कहा कि भारत इस समय सालाना लगभग 16.8 करोड़ टन इस्पात का उत्पादन करता है।
रेड्डी ने कहा, ”सरकार देश की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन को काफी हद तक बढ़ाने पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2030 तक इस्पात उत्पादन को बढ़ाकर 30 करोड़ टन और 2047 तक 50 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा है।”
मंत्री ने कहा कि इस्पात की बढ़ती मांग सभी आय वर्ग के लोगों के लिए अपने घर की आकांक्षाओं से जुड़ी है, क्योंकि इस्पात निर्माण का एक अनिवार्य घटक है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना घर हो या कोई व्यक्तिगत घर, इस सपने को पूरा करने के लिए इस्पात और सीमेंट की किफायती उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
भाषा पाण्डेय रमण
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