नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) नए उद्यमियों के लिए स्टार्टअप परिवेश विकसित करने के मामले में गुजरात, अरुणाचल प्रदेश और गोवा को ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले’ राज्यों की श्रेणी में रखा गया है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की तरफ से शुक्रवार को जारी रैंकिंग में यह जानकारी दी गई।
विभाग की इस वार्षिक रैंकिंग में गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप प्रोत्साहन के मामले में शीर्ष पर रहा है।
कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश को ‘उत्कृष्ट प्रदर्शन’ करने वाले राज्यों की श्रेणी में रखा गया है।
यह सालाना रैंकिंग स्टार्टअप विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने के प्रयासों पर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का मूल्यांकन करती है।
इस बार कुल 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इस रैंकिंग प्रक्रिया में हिस्सा लिया, जिन्हें पांच अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।
रैंकिंग के लिए राज्यों को उनकी जनसंख्या के आधार पर दो खंडों में विभाजित किया गया है। यह विभाजन एक करोड़ से अधिक और कम जनसंख्या के आधार पर किया गया है।
इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उनके स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और एक-दूसरे की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से सीखने में सहायता प्रदान करना है।
डीपीआईआईटी ने एक बयान में कहा, ‘राज्य सरकारों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सहयोग दोनों को प्रोत्साहन देकर यह ढांचा देशभर में मजबूत और बेहतर ढंग से कार्य करने वाले स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में सहायता करता है।’
महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्त्तराखंड, मणिपुर, नगालैंड और मेघालय को ‘अगुवा’ श्रेणी में रखा गया है। वहीं असम, बिहार, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा को ‘आकांक्षी अगुवा’ माना गया है।
उभरते स्टार्टअप पारिस्थितिकी श्रेणी के तहत आने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छत्तीसगढ़, दिल्ली, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, लद्दाख, लक्षद्वीप और पुडुचेरी शामिल हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के 10 साल पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि 2016 में केवल 400 स्टार्टअप से शुरू हुआ यह सफर अब दो लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप तक पहुंच गया है, जिन्होंने करीब 21 लाख रोजगार सृजित किए हैं।
उन्होंने बताया कि स्टार्टअप कंपनियां अब गहन प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई) और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे 50 से अधिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
भाषा सुमित प्रेम
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