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Monday, 20 April, 2026
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सरकार राष्ट्रीय उपग्रह संचार निगरानी केंद्र स्थापित करने को 900 करोड़ रुपये करेगी निवेश: सिंधिया

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नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि सरकार ने जरूरी आंकड़ों और स्पेक्ट्रम परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय उपग्रह संचार निगरानी प्रणाली स्थापित करने के लिए लगभग 900 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।

सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में उपग्रह संचार (सैटकॉम) पर एक सत्र के दौरान कहा कि दूरसंचार और प्रसारण को शामिल करते हुए भारतीय सैटकॉम बाजार का मूल्य पिछले साल लगभग 4.3 अरब डॉलर था और 2033 तक इसके तीन गुना होकर लगभग 14.8 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।

उन्होंने कहा, ‘‘… हम एक राष्ट्रीय सैटकॉम निगरानी सुविधा में 900 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रहे हैं। यह एक अत्याधुनिक केंद्र है जो भारत के सभी ‘डाटा’ संसाधनों और स्पेक्ट्रम परिसंपत्तियों की सुरक्षा करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि दुनिया भर में हमारे सभी गेटवे एक ही समय में पूरे भारत को सेवा प्रदान करें।’’

सरकार ने देश में उपग्रह ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए तीन निजी कंपनियों… यूटेलसैट वनवेब, जियो एसजीएस और एलन मस्क के नेतृत्व वाली स्टारलिंक को लाइसेंस दिए हैं।

सभी कंपनियां अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए सरकार से स्पेक्ट्रम आवंटन का इंतजार कर रही हैं।

मंत्री ने कहा कि भारतीय दूरसंचार कंपनियों ने देश भर में लगभग 4.8 लाख टावर की स्थापना के साथ भारत की 99.9 प्रतिशत आबादी को 5जी संपर्क से जोड़ा है।

सिंधिया ने कहा, ‘‘अब, जब हम उपग्रह संचार के क्षेत्र में कदम रख रहे हैं, मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भारत न केवल दुनिया में सबसे तेज उपग्रह प्रक्षेपण करेगा, बल्कि मानवता के लिए सैटकॉम के अर्थ को भी नए सिरे से परिभाषित करेगा। हमने 5जी के साथ पहले भी ऐसा किया है, जो 20 महीनों में दुनिया में सबसे तेज क्रियान्वयन था। मैं वादा करता हूं कि हम इसे फिर से करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि उपग्रह संचार अब विलासिता नहीं रहा, यह डिजिटल युग में एक अधिकार और न्याय है। ‘‘यह लद्दाख के किसानों के लिए न्याय है, जो वास्तविक समय की जानकारी के हकदार हैं। यह लक्षद्वीप के मछुआरों के लिए न्याय है, जिन्हें जान बचाने के लिए मौसम की चेतावनियां मिलनी जरूरी हैं। यह छत्तीसगढ़ के एक आदिवासी बस्ती के बच्चे के लिए न्याय है, जिसे देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों से सीखना चाहिए। यह बाढ़ग्रस्त असम के डॉक्टर के लिए न्याय है, जिसे मरीजों तक पहुंचना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि सैटकॉम भारत की कहानी को पूरा करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी भारतीय पीछे न छूटे।

भाषा रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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