नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों से 2.56 लाख करोड़ रुपये का लाभांश मिल सकता है। संसद में शनिवार को पेश बजट दस्तावेजों में यह अनुमान जताया गया।
चालू वित्त वर्ष में आरबीआई, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और वित्तीय संस्थानों से लाभांश/अधिशेष के रूप में 2.34 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, जो पिछले अनुमानों से लगभग 1,410 करोड़ रुपये अधिक है।
बजट दस्तावेजों में कहा गया कि ‘सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और अन्य निवेशों से लाभांश’ से केंद्र सरकार की कुल प्राप्तियां 2.89 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 3.25 लाख करोड़ रुपये होंगी।
उधारियों के अलावा कुल प्राप्तियां 34.96 लाख करोड़ रुपये तथा कुल व्यय 50.65 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। शुद्ध कर प्राप्तियां 28.37 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
अगले वित्त वर्ष के दौरान केंद्र का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
सकल बाजार उधार 14.82 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
भाषा पाण्डेय अनुराग
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