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Thursday, 22 October, 2026
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सोना तीन महीने के निचले स्तर पर, चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब आधी रह गई

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नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) कच्चे तेल में उछाल से कीमती धातुओं पर बने दबाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट बृहस्पतिवार को भी जारी रही। दिल्ली में सोना 1,000 रुपये गिरकर तीन महीने के निचले स्तर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया जबकि चांदी 5,900 रुपये की फिसलन के साथ 10 महीने के निचले स्तर पर आ गई।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, सोने में कमजोरी जारी रहने के बीच पीली धातु 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर समेत) पर आ गई। इससे पहले 30 जुलाई को सोना इस स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा था।

कमजोर मांग के बीच चांदी भी 5,900 रुपये टूटकर 2,07,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर समेत) के भाव पर आ गई। यह चांदी का 10 महीने का सबसे निचला स्तर है। बुधवार को चांदी 2,13,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी।

चांदी 31 दिसंबर, 2025 के 2.39 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से अब तक 31,500 रुपये यानी 13.18 प्रतिशत गिर चुकी है। वहीं, 29 जनवरी को दर्ज 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर से इसकी कीमत 1.97 लाख रुपये यानी 48.70 प्रतिशत नीचे आ चुकी है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं शोध विश्लेषक (जिंस एवं मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘पश्चिम एशिया में संघर्ष को लेकर चिंताओं के बीच घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।’

वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमत 4,100 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई। हाजिर सोना 68.98 डॉलर यानी करीब 1.7 प्रतिशत टूटकर 4,072.30 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।

चांदी की हाजिर कीमत भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब चार प्रतिशत गिरकर 55.72 डॉलर प्रति औंस रह गई।

पीएल कैपिटल के जिंस प्रमुख आशीष राजोदिया ने कहा कि कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनाए रखने की आशंका मजबूत हुई है और कीमती धातुओं के भाव पर इसका असर देखा जा रहा है।

राजोदिया ने कहा, ‘सोने के मुकाबले चांदी में अधिक गिरावट उसकी कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव के कारण आई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के संकेत भी दोनों धातुओं पर दबाव डाल रहे हैं। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी से कीमती धातुओं को संभलने का मौका मिल सकता है।’

ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा कि निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर की मौद्रिक नीति बैठक और आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर टिकी हैं।

भाषा प्रेम प्रेम योगेश

योगेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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