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Sunday, 8 February, 2026
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गिफ्ट आईएफएससी की इकाइयां जारी कर सकेंगी पी-नोट्सः बजट

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नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) अहमदाबाद से सटे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र गिफ्ट आईएफएससी में कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार ने बजट में आईएफएससी इकाइयों को ‘विदेशी डेरिवेटिव साधन’ यानी पी-नोट्स जारी करने की मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा है।

पार्टिशिपेटरी नोट्स यानी पी-नोट्स भारतीय बाजार में सूचीबद्ध विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की तरफ से उन विदेशी निवेशकों को जारी किए जाते हैं जो यहां पर पंजीकरण कराए बगैर ही भारतीय शेयर बाजार का हिस्सा बनना चाहते हैं। हालांकि इस तरह के निवेशकों को जांच-पड़ताल की निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना होता है।

दिसंबर, 2022 तक भारतीय बाजारों में पी-नोट्स के जरिये कुल निवेश 96,292 करोड़ रुपये का था। इनमें शेयर, ऋण एवं हाइब्रिड प्रतिभूतियां शामिल होती हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को संसद में वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करते हुए विदेशी डेरिवेटिव साधनों (ओडीआई) को वैध अनुबंध के रूप में स्वीकार किए जाने की घोषणा की। इससे गिफ्टी सिटी स्थित आईएफएससी में कारोबारी गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।

डेलॉयट इंडिया के साझेदार राजेश गांधी ने उम्मीद जताई है कि बजट में की गई इस घोषणा के अनुरूप भारतीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) के नियमों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे ताकि यहां पर कार्यरत इकाइयां विदेशी निवेशकों को पी-नोट्स या ओडीआई जारी कर सकें।

नांगिया एंडरसन एलएलपी के साझेदार (वित्तीय सेवा) सुनील गिडवानी ने कहा कि यह बजट प्रस्ताव सिर्फ विदेशी पी-नोट्स धारकों के कराधान तक ही सीमित है। जहां भारतीय बाजारों से अर्जित कमाई पर एफपीआई पर कर लगता रहा है, वहीं विदेशी पी-नोट्स धारकों पर कर नहीं लगता था।

भाषा प्रेम प्रेम पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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