नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने मंगलवार को कहा कि खाद्य मंत्रालय ने वनस्पति तेल उद्योग का अनुरोध वित्त मंत्रालय को भेज दिया है, जिसमें कर रिफंड प्रतिबंध हटाने की मांग की गई है। उम्मीद है कि जीएसटी परिषद अपनी अगली बैठक में इस मुद्दे पर विचार करेगी।
चोपड़ा ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘हमने इसे वित्त मंत्रालय को भेज दिया है… जब जीएसटी समिति दरों में कमी की घोषणा पर काम करने के लिए बैठक करेगी, मुझे विश्वास है कि वे इसे ध्यान में रखेंगे। उम्मीद है कि अगली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा।’’
खाद्य तेल उद्योग जुलाई 2022 से उल्टे शुल्क (इनवर्टेड ड्यूटी) ढांचे के तहत संचित इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रिफंड पर प्रतिबंधों से जूझ रहा है, जिसका विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों और घरेलू निर्माताओं पर प्रभाव पड़ रहा है।
खाद्य तेलों पर पांच प्रतिशत जीएसटी दर लागू है, जबकि पैकेजिंग, रसायन और प्रसंस्करण उपकरण सहित इनपुट सामग्री पर 12-18 प्रतिशत की उच्च दर लागू है। इस दर असमानता के कारण उद्योग को पहले वित्त वर्ष 2021-22 तक संचित आईटीसी पर रिफंड का दावा करने की अनुमति थी।
जीएसटी परिषद द्वारा जुलाई 2022 में संचित आईटीसी रिफंड पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण कंपनियों के पास पर्याप्त अप्रयुक्त कर क्रेडिट रह गए हैं।
उद्योग समूहों का तर्क है कि आईटीसी रिफंड बहाल करने से नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा, आर्थिक व्यवहार्यता बढ़ेगी, उपभोक्ता मूल्य स्थिरता बनी रहेगी और सुरक्षित उपभोग को बढ़ावा मिलेगा।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
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