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Monday, 20 April, 2026
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सात प्रमुख शहरों में पहली छमाही में महंगे घरों की बिक्री बढ़कर 25,680 इकाई पर

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नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) देश के सात प्रमुख शहरों में पहली छमाही के दौरान डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की कीमत वाले घरों या फ्लैटों की बिक्री बढ़कर 25,680 इकाई पर पहुंच गई।

संपत्ति सलाहकार एनारॉक के अनुसार, महंगे फ्लैटों की बिक्री का आंकड़ा पिछले तीन साल की सालाना बिक्री से अधिक है।

इस साल की पहली छमाही में मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) का महंगे फ्लैटों की कुल बिक्री में 50 प्रतिशत से अधिक का योगदान रहा।

एनारॉक ने कहा कि लक्जरी या महंगे आवास खंड ने इस साल अच्छा प्रदर्शन किया है और डेवलपर्स द्वारा दी गई छूट और प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की मांग से बिक्री बढ़ी है।

आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा वर्ष की पहली छमाही में महंगे फ्लैटों की बिक्री 25,680 इकाई थी। यह संख्या पूरे 2021 में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर), एमएमआर, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता जैसे सात प्रमुख शहरों में बेची गई 21,700 इकाइयों से अधिक है।

वहीं, कोविड-19 महामारी से प्रभावित वर्ष 2020 में महंगे फ्लैटों की बिक्री घटकर 8,470 इकाई रह गई थी, जो वर्ष 2019 में 17,740 इकाई की थी।

आंकड़ों से पता चलता है कि 2022 के पहले छह महीनों के दौरान सात शहरों में 1.84 लाख इकाइयों की कुल बिक्री में लक्जरी घरों की हिस्सेदारी बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई। यह वर्ष 2019 में केवल सात प्रतिशत थी।

एनारॉक ने कहा है कि वर्ष 2022 में आवासीय बिक्री महामारी-पूर्व के स्तर के पार पहुंच जायेगी।

एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘लक्जरी घरों की बिक्री में उछाल के चार-पांच कारण है। पहला यह है कि इस साल कई लक्जरी आवासीय परियोजनाओं का काम पूरा हुआ है। पूरी तरह से तैयार घरों की मांग में वृद्धि हुई है, क्योंकि ग्राहक जल्द से जल्द नए घर में जाना चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि उच्च संपदा वाले व्यक्तियों (एचएनआई) ने महामारी के दौरान शेयर बाजार से पैसा कमाया है जिसे वे अब अचल संपत्ति में निवेश कर रहे हैं।

पुरी ने कहा, ‘‘संयुक्त परिवारों ने महामारी के दौरान बड़े घरों की जरूरत को महसूस किया है और यह इस श्रेणी में बिक्री में वृद्धि का प्रमुख कारणों में से एक है।’’

एनारॉक ने यह भी कहा कि महामारी की दूसरी लहर के बाद घरों की कीमतें बढ़ी हैं। कीमतें अब भी उचित स्तर पर हैं। संभावित खरीदारों को लगता है कि दरें और बढ़ सकती हैं, इसलिए वे अभी खरीद कर रहे हैं।

भाषा जतिन अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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