नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) अमेरिका के चीन जैसे देशों पर शुल्क लगाने के घरेलू उद्योगों पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभावों का मूल्यांकन किया जा रहा है। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
हालांकि, चीन पर लगाए गए शुल्कों के कारण भारत से अमेरिका को निर्यात बढ़ाने की उम्मीद है, लेकिन पड़ोसी देश से माल की डंपिंग भी की जा सकती है। ऐसी आशंका इसलिए है, क्योंकि चीन के पास लगभग हर क्षेत्र में अतिरिक्त क्षमता है।
भारत ने चीन से आयातित रसायनों सहित कई वस्तुओं पर एंटी-डंपिंग शुल्क लगाया है। इसके अलावा कई एंटी-डंपिंग जांच चल रही हैं।
उन्होंने कहा, ”हम शुल्क बढ़ाने के लिए अमेरिका की घोषणाओं का विश्लेषण कर रहे हैं। हम उचित समय पर निर्णय लेंगे। हम अपने उद्योग से यह भी पूछ रहे हैं कि ये शुल्क उन्हें सकारात्मक या नकारात्मक रूप से, कैसे प्रभावित करने जा रहे हैं। हम उन वस्तुओं पर खासतौर से ध्यान दे रहे हैं, जिन पर चीन में शुल्क लगाए जाएंगे।”
सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान जब अमेरिका ने चीनी वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाया था, तब भारत चौथा सबसे बड़ा लाभार्थी था।
ट्रंप ने दोबारा सत्ता में आने के बाद अपना एक चुनावी वादा पूरा करते हुए शनिवार को चीन से आयात पर कड़े शुल्क लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए।
भारतीय निर्यातक संगठनों के महासंघ (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि यह कदम भारतीय निर्यातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है, क्योंकि अमेरिकी खरीदार उच्च लागत से बचने के लिए वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश करेंगे।
उन्होंने कहा कि लाभ की सीमा भारत की उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता पर निर्भर करती है।
भाषा पाण्डेय रमण
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