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Saturday, 7 February, 2026
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अधिक आयात से खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

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नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) सूरजमुखी और सोयाबीन जैसे सस्ते आयातित तेलों का आयात बढ़ने के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सभी देशी तेल-तिलहनों के भाव औंधे मुंह गिरे, लेकिन उपभोक्ताओं को खुदरा बाजार में इस गिरावट का यथोचित लाभ नहीं मिल रहा है। सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, बिनौला जैसे देशी तेल- तिलहन के अलावा कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन जैसे आयातित तेल के भाव में पर्याप्त गिरावट आई है।

मलेशिया एक्सचेंज में अवकाश है, जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में मामूली गिरावट का रुख है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि देश में सूरजमुखी और सोयाबीन तेल का आयात भारी मात्रा में हो रहा है। मौसम खुलने के साथ सरसों के आवक बढ़ेगी और इसके खपने की आशंका से तेल उद्योग परेशान है। पिछले साल आयातित तेलों के दाम महंगा होने के बावजूद सरसों पूरी तरह नहीं खपा तो इस बार आयातित तेल के दाम काफी कम हैं। ऐसे में सरसों के अलावा सोयाबीन, मूंगफली, बिनौला जैसे देशी तेल-तिलहनों का खपना बेहद मुश्किल दिख रहा है। हालत यह है कि देश के सूरजमुखी बीज का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से पहले से ही कम चल रहा है और अब सरसों के भी दाम एमएसपी से कम होने की आशंका बन रही है।

सूत्रों ने कहा कि दिलचस्प बात यह है कि तेल कीमतों में आई गिरावट के बावजूद ग्राहकों को इस गिरावट का लाभ नहीं मिल रहा। खुदररा तेल कंपनियों द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) ऊंचा रखे जाने की वजह से ग्राहकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। देशी तेल-तिलहन उद्योग, किसानों और उपभोक्ताओं के हित में मौजूदा विषम स्थिति से निकलने का फिलहाल रास्ता यह है कि सूरजमुखी और सोयाबीन तेलों पर आयात शुल्क लगाया जाये तथा तेल उत्पादक कंपनियों को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के बारे में सरकारी पोर्टल पर नियमित आधार पर जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाये। देशी तेल मिलों के नहीं चलने से खल और डीआयल्ड केक का संकट बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,140-6,190 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,460-6,520 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,440 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,425-2,690 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 12,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,030-2,060 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,990-2,115 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,950 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,950 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,050 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,470-5,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,210-5,230 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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