नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) अमेरिका और ईरान में फिर से बातचीत शुरू होने की संभावनाओं के बीच भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद से कच्चे तेल की वायदा कीमतों में बृहस्पतिवार को गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के कारण कीमतों में गिरावट सीमित रही।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में नवंबर माह में आपूर्ति वाले कच्चे तेल का वायदा भाव 167 रुपये यानी 1.70 प्रतिशत गिरकर 9,631 रुपये प्रति बैरल रह गया। वहीं, दिसंबर में आपूर्ति वाले अनुबंध का भाव 70 रुपये यानी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 9,619 रुपये प्रति बैरल पर आ गया।
चॉइस ब्रोकिंग की जिंस विश्लेषक पिंकी यादव ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा है। इस बीच, वैश्विक बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल का भाव चार साल के उच्चस्तर से घटकर 114 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है।
खबरों के मुताबिक, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के लिए ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख से संपर्क किया है।
यह पहल ऐसे समय हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले सप्ताह होने वाले अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर फिर से सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप के निर्देश पर भेजे गए पत्र में विस्तृत शांति प्रस्ताव के बजाय बातचीत के लिए रूपरेखा तैयार करने पर जोर दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिसंबर आपूर्ति वाला ब्रेंट कच्चा तेल वायदा करीब एक प्रतिशत गिरकर 114.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, दिसंबर अनुबंध वाला वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल 1.3 प्रतिशत गिरकर 101.44 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
भाषा अजय अजय
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