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Friday, 20 March, 2026
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सहकारी कैब सेवा ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत, तीन साल में राष्ट्रीय विस्तार का लक्ष्य

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नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को देश के पहले सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा मंच ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत की।

दो महीने के सफल पायलट परीक्षण के बाद शुरू की गई यह टैक्सी सेवा फिलहाल दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में शुरू की गई है।

इस मंच के उद्घाटन अवसर पर शाह ने कहा, ‘‘अगले तीन वर्षों में भारत टैक्सी सेवा को कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक देशभर में चालू कर दिया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि इस ऑनलाइन टैक्सी सेवा मंच से होने वाला लाभ इससे जुड़े ड्राइवरों के साथ साझा किया जाएगा।

इस टैक्सी सेवा के तहत ग्राहक आवागमन के लिए कार के साथ तिपहिया और दोपहिया वाहनों की भी बुकिंग कर सकेंगे।

फिलहाल देश के ऑनलाइन टैक्सी बाजार पर उबर, ओला और रैपिडो जैसी कुछ चुनिंदा कंपनियों का वर्चस्व है।

बहु-राज्य सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत भारत टैक्सी मंच की स्थापना छह जून, 2025 को की गई थी। इस मंच पर न तो किसी कमीशन का प्रावधान है और न ही व्यस्त समय में किसी तरह की किराया बढ़ोतरी का प्रावधान होगा। इसमें मुनाफे का सीधा वितरण ड्राइवरों के बीच किया जाता है।

आठ प्रमुख सहकारी संगठनों के सहयोग से शुरू हुए इस मंच ने दो दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में पायलट संचालन शुरू किया था।

सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, भारत टैक्सी दुनिया का पहला और सबसे बड़ा सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा मंच और ड्राइवरों के स्वामित्व वाला सबसे बड़ा परिवहन मंच बनकर उभरा है।

पायलट चरण के बाद से अब तक तीन लाख से अधिक ड्राइवर इस मंच से जुड़ चुके हैं, जबकि एक लाख से ज्यादा उपयोगकर्ताओं ने पंजीकरण कराया है।

दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में प्रतिदिन 10,000 से अधिक यात्राएं पूरी की जा रही हैं और अब तक करीब 10 करोड़ रुपये सीधे ड्राइवरों को वितरित किए जा चुके हैं।

इस मंच से जुड़े ड्राइवरों को ‘सारथी’ कहा जाता है। यह उनके लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और समर्पित सहायता प्रणाली जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं को भी प्राथमिकता देता है।

दिल्ली में भारत टैक्सी सेवा के लिए सात सहायता केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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