(के. जे. एम. वर्मा)
बीजिंग/शंघाई, 10 अप्रैल (भाषा) भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के अवसरों की तलाश के लिए चीन की कंपनियों के साथ बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल अभी चीन की यात्रा पर है।
सीआईआई के अध्यक्ष राजीव मेमानी के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के संबंध सामान्य होने के बाद चीन जाने वाला दूसरा भारतीय कारोबारी दल है। पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के कारण दोनों देशों के संबंध पांच वर्ष से अधिक समय तक ठंडे पड़े रहे थे।
उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले महीने चीन के शंघाई और जियांगसू प्रांत गया था जहां उसने उद्योग जगत के लोगों के साथ बातचीत की थी।
शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने बुधवार को सीआईआई प्रतिनिधिमंडल और प्रमुख चीनी उद्योगों के बीच उच्च स्तरीय बातचीत की मेजबानी की। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के अवसर तलाशना है।
भारतीय वाणिज्य दूतावास के बयान के अनुसार बैठक में माथुर ने ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के तहत भारत में जारी आर्थिक बदलावों की उपलब्धियों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं, कारोबार सुगमता, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना एवं विनिर्माण प्रतिस्पर्धा पर भारत की नीतिगत प्राथमिकता, तथा उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं जैसी पहल वैश्विक साझेदारियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं।
भाषा निहारिका रमण
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