नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) के महानिदेशक अभय बाकरे ने बृहस्पतिवार को कहा कि पेट्रोल, डीजल आधारित वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की स्वीकार्यता के लिए चार्जिंग बुनियादी ढांचे का मजबूत नेटवर्क काफी महत्वपूर्ण है।
दिल्ली में भारत ऊर्जा भंडारण सप्ताह (आईईएसडब्ल्यू) 2023 के दौरान बाकरे ने कहा, “इलेक्ट्रिक-परिवहन के लिए सबसे बड़ी चुनौती पहले से ही पूरी तरह स्थापित पेट्रोल, डीजल से चलने वाले वाहनों को हटाना है। इसका समाधान मजबूत सार्वजनिक चार्जिंग ढांचा में है। हम बैटरी, ईवी चार्जिंग उपकरणों आदि की लागत को कम कर सकते हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की सफल कहानी बना सकते हैं जैसे भारत ने स्मार्टफोन क्रांति के साथ किया था।”
बाकरे ने विभिन्न उद्देश्यों के लिए ईवी की स्वीकार्यता को लेकर जनता में जागरूकता पैदा करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईवी भविष्य में परिवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 2022 में तीन गुने से भी ज्यादा होकर 10.54 लाख इकाई रही।
भाषा अनुराग रमण
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