नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) कार्यालय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने परिचालन को प्रभावी और दक्ष बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन रवि अग्रवाल और उप-नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ए एम बजाज ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर कैग के संजय मूर्ति भी मौजूद थे।
कैग कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों संगठन आपसी हित के क्षेत्रों में क्षमता विकास और अनुसंधान गतिविधियों में शैक्षणिक, प्रशिक्षण और अनुसंधान संपर्क/सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करेंगे।’’
मूर्ति ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर से दोनों विभागों के बीच व्यावसायिक सहयोग और क्षमता निर्माण के प्रयासों, विशेष रूप से आंकड़ों के आधार पर संचालित प्रौद्योगिकी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि यह समझौता ज्ञापन दोनों संस्थानों के बीच कौशल अंतर को पाटने और द्विपक्षीय वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक ढांचे के रूप में काम करेगा।
मूर्ति ने कहा कि यह साझेदारी कई पहल पर केंद्रित होगी। इनमें प्रशिक्षण कार्यशालाएं, संयुक्त सेमिनार, उन्नत डेटा विश्लेषण पर आधारित लेखा परीक्षा के बारे में जानकारी साझा करना और जीएसटी लेखा परीक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में दूरस्थ लेखा परीक्षा जैसे नवीन तरीकों का उपयोग शामिल है।
कैग ने कहा कि चूंकि दोनों संस्थानों के लक्ष्य समान हैं, इसलिए लेखा एवं महानियंत्रक कार्यालय सीबीडीटी द्वारा चिन्हित प्रणालियों को मजबूत करने में उसका समर्थन कर सकता है। क्योंकि कैग अधिकारियों को कृत्रिम मेधा और मशीन लर्निंग जैसी उभरती तकनीकों में प्रभावी रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
मूर्ति ने भरोसा जताया कि यह औपचारिक साझेदारी पारदर्शिता को बढ़ावा देगी, परिचालन के प्रभाव और दक्षता में वृद्धि करेगी और लेखा परीक्षा समझ के आधार पर नियामकीय बदलावों को आगे बढ़ाएगी। इससे समग्र वित्तीय और संचालन परिवेश में सकारात्मक योगदान होगा।
सीबीडीटी के चेयरमैन अग्रवाल ने कहा कि लेखा परीक्षा विभाग में उपलब्ध निरंतर संवाद और प्रशिक्षण अवसंरचना कर प्रशासन को और बेहतर बनाएगी। साथ ही आयकर विभाग में कर अधिकारियों के सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करेगी।
भाषा रमण अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
