नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सरकार की प्रमुख अटल पेंशन योजना (एपीवाई) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने को बुधवार को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही प्रचार, विकासात्मक गतिविधियों और ‘गैप फंडिंग’ के लिए वित्तीय सहायता के विस्तार को भी स्वीकृति दी गई है।
वित्तीय कमी की पूर्ति को ‘गैप फंडिंग’ कहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, असंगठित क्षेत्र के कामगारों के बीच पहुंच बढ़ाने के लिए जागरूकता एवं क्षमता निर्माण जैसी गतिविधियों को सरकारी समर्थन मिलता रहेगा।
अटल पेंशन योजना की शुरुआत नौ मई 2015 को की गई थी जिसका मकसद असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में आय सुरक्षा प्रदान करना है।
विज्ञप्ति के अनुसार, 19 जनवरी 2026 तक एपीवाई के तहत 8.66 करोड़ से अधिक सदस्य पंजीकृत हो चुके हैं।
योजना के तहत योगदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति माह तक की न्यूनतम पेंशन की गारंटी का प्रावधान है।
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