नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) लंबे समय से जारी वैश्विक तनावों के बीच चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत का कारोबारी विश्वास अप्रैल-जून के 99.8 से बढ़कर 107.8 पर पहुंच गया। शोध संस्थान नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की ‘बिजनेस एक्सपेक्टेशंस सर्वे’ रिपोर्ट में यह कहा गया।
एनसीएईआर ने कहा कि यह ताजा सर्वेक्षण सितंबर में किया गया था जिसमें छह शहरों के विभिन्न आकारों की 502 कंपनियों को शामिल किया गया। इसमें उत्तर का प्रतिनिधित्व दिल्ली एनसीआर, दक्षिण का बेंगलुरु और चेन्नई, पूर्व का कोलकाता तथा पश्चिम का प्रतिनिधित्व मुंबई और पुणे ने किया।
इसमें कहा गया, ”हालांकि व्यापार विश्वास सूचकांक (बीसीआई) में सुधार हुआ है, लेकिन यह पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही (2025-26 की दूसरी तिमाही में 142.6) की तुलना में कम है।”
बीसीआई में चार घटक शामिल होते हैं – अगले छह महीनों में समग्र आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, अगले छह महीनों में कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा, मौजूदा निवेश माहौल सकारात्मक है और वर्तमान क्षमता उपयोग अनुकूलतम स्तर के करीब या उससे ऊपर था।
सर्वेक्षण में कहा गया कि चारों घटकों में बेहतर धारणा के कारण दूसरी तिमाही में बीसीआई में वृद्धि हुई।
एनसीएईआर ने कहा, ”अगले छह महीनों में समग्र आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद रखने वाली फर्मों की हिस्सेदारी 2026-27 की पहली तिमाही के 43 प्रतिशत से बढ़कर 2026-27 की दूसरी तिमाही में 50 प्रतिशत हो गई।”
अगले छह महीनों में अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद करने वाली फर्मों की हिस्सेदारी पहली तिमाही के 37 प्रतिशत से बढ़कर दूसरी तिमाही में 41 प्रतिशत हो गई।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 26 प्रतिशत कंपनियां मानती थीं कि ‘वर्तमान निवेश माहौल सकारात्मक है’ जबकि दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा बढ़कर 30 प्रतिशत हो गया।
इस सर्वेक्षण की अगुवाई करने वाली एनसीएईआर की बोर्णाली भंडारी ने कहा कि आंकड़े एमएसएमई और बड़ी कंपनियों, दोनों की धारणा में सुधार का संकेत देते हैं।
भाषा पाण्डेय रमण
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