scorecardresearch
Wednesday, 17 June, 2026
होमदेशअर्थजगतमार्च तिमाही में बैटरी आधारित ऊर्जा भंडारण क्षमता में 4.6 गीगावाट-घंटा की बढ़ोतरीः रिपोर्ट

मार्च तिमाही में बैटरी आधारित ऊर्जा भंडारण क्षमता में 4.6 गीगावाट-घंटा की बढ़ोतरीः रिपोर्ट

Text Size:

नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) देश में जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान बैटरी आधारित ऊर्जा भंडारण क्षमता में 4.6 गीगावाट-घंटा की बढ़ोतरी दर्ज की गई जो एक तिमाही पहले के मुकाबले 941 प्रतिशत अधिक है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

मेरकॉम इंडिया रिसर्च की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, देश की कुल स्थापित बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता मार्च, 2026 तक बढ़कर 5.9 गीगावाट-घंटा हो गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, कुल क्षमता में 73 प्रतिशत हिस्सेदारी स्वतंत्र ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की रही। इसके अलावा, 15 प्रतिशत योगदान सौर-पवन के साथ भंडारण परियोजनाओं से और 11 प्रतिशत सौर-ऊर्जा के साथ बैटरी भंडारण परियोजनाओं से आया।

रिपोर्ट कहती है कि पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं (पीएसपी) का परियोजना आधार मजबूत बना हुआ है और 57.2 गीगावाट की परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं। मार्च, 2026 तक स्थापित 7.2 गीगावाट क्षमता में से 5.7 गीगावाट परिचालन में है।

मेरकॉम कैपिटल ग्रुप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राज प्रभु ने कहा कि 2026 की पहली तिमाही में मजबूत वृद्धि और तेजी से बढ़ती परियोजना पाइपलाइन से स्पष्ट है कि ऊर्जा भंडारण भारत के बिजली ढांचे का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।

राज्यवार आंकड़ों से पता चलता है कि राजस्थान 42 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि गुजरात (25 प्रतिशत) एवं महाराष्ट्र (नौ प्रतिशत) क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर रहे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पहली तिमाही के दौरान ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की कुल विकासाधीन क्षमता 69 गीगावाट-घंटा तक पहुंच गई।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments