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Saturday, 18 April, 2026
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बैंक अब शेयरों पर एक करोड़ और आईपीओ पर 25 लाख तक ऋण दे सकेंगेः आरबीआई प्रस्ताव

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मुंबई, एक अक्टूबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को शेयरों के एवज में दिए जाने वाले कर्ज और आईपीओ के वित्तपोषण पर बैंकों की ऋण सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया जिससे निवेशकों को कर्ज की उपलब्धता बढ़ेगी।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि बैंकों द्वारा शेयरों पर दिए जाने वाले ऋण की सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये और आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए प्रति व्यक्ति वित्तपोषण को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है।

उन्होंने कहा कि इस कदम से बैंक निवेशकों को अब अधिक मात्रा में कर्ज मुहैया करा सकेंगे।

मल्होत्रा ने बताया कि बैंकों के लिए रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) और ढांचागत निवेश ट्रस्ट (इनविट) के एवज में दिए जाने वाले कर्ज की सीमा भी बढ़ाई जाएगी। वहीं सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों के लिए ऋण पर मौजूदा नियामकीय सीमा पूरी तरह हटा दी जाएगी।

आरबीआई ने कहा कि बैंकों और अन्य विनियमित संस्थाओं (एनबीएफसी) के पूंजी बाजार संबंधी जोखिम पर क्षेत्रवार और व्यक्तिगत ऋण सीमा के साथ मार्जिन शर्तों के नियम लागू होते हैं।

पिछले वर्षों में पूंजी बाजार और बैंकिंग प्रणाली की मजबूती को देखते हुए अब दिशा-निर्देशों को तर्कसंगत बनाना और बैंकों द्वारा पूंजी बाजार ऋण की संभावनाओं को व्यापक बनाना आवश्यक है।

इसके तहत भारतीय कंपनियों द्वारा अधिग्रहण के लिए बैंकों द्वारा वित्तपोषण की सुविधा का भी प्रस्ताव है। मौजूदा नियमों के तहत शेयर अधिग्रहण के लिए बैंकों को आमतौर पर अनुमति नहीं है।

इसके अलावा, रिजर्व बैंक पूंजी बाजार मध्यस्थों को ऋण देने के लिए सिद्धांत-आधारित एक ढांचा तैयार करने की योजना बना रहा है। मसौदा दिशानिर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे और इस पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया मांगी जाएगी।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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