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Sunday, 11 October, 2026
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स्थानीय स्तर पर ही इलेक्ट्रिक कार के विनिर्माण पर विचार कर रही है ऑडी इंडिया

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(रूपश्री नायर)

पणजी, 11 अक्टूबर (भाषा) जर्मनी की लक्जरी कार कंपनी ऑडी भारत में बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक कार (बीईवी) का स्थानीय विनिर्माण करने पर विचार कर रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन से पांच साल में लक्जरी कार बाजार में अपनी हिस्सेदारी दोगुनी कर 15-16 प्रतिशत तक पहुंचाना है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

ऑडी इंडिया के ब्रांड निदेशक बलबीर सिंह ढिल्लों ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि कंपनी की रणनीति तीन प्रमुख स्तंभ पर आधारित है। इनमें ग्राहकों की जरूरतों पर ध्यान देना, नए उत्पाद पेश करना और डीलरशिप नेटवर्क का विस्तार करना शामिल है। कंपनी की फिलहाल लक्जरी कार बाजार में करीब आठ प्रतिशत हिस्सेदारी है।

जर्मनी की इस वाहन विनिर्माता कंपनी की योजना प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का लाभ उठाकर भारत में अधिक मॉडल पेश करने की भी है। इसके जरिये कंपनी स्थानीय विनिर्माण का फैसला करने से पहले भारतीय बाजार में इन मॉडल की मांग और बिक्री की संभावनाओं को परखना चाहती है।

ढिल्लों ने कहा, ”हम स्थानीय स्तर पर निर्मित बैटरी इलेक्ट्रिक कार पेश करने पर विचार कर रहे हैं। इस बारे में अगले कुछ महीनों में फैसला होने की उम्मीद है।”

उन्होंने कहा, ”हमारा इरादा अगले तीन से पांच साल में बाजार में अपनी हिस्सेदारी दोगुनी करने का है। ग्राहकों पर ध्यान देने, नए उत्पाद पेश करने और नेटवर्क का विस्तार करने की रणनीति से हमें यह लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।”

ढिल्लों के मुताबिक, प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से कंपनी को अधिक प्रतिस्पर्धी आयात शुल्क पर भारत में नए मॉडल लाने और उनकी बिक्री की संभावनाएं परखने का अवसर मिल सकता है।

ढिल्लों ने कहा कि कंपनी अपने प्रमुख वाहन मॉडल का स्थानीय विनिर्माण जारी रखेगी, जबकि आयात के जरिये भारतीय ग्राहकों के लिए उपलब्ध मॉडल की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

उन्होंने प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से भारतीय वाहन उद्योग के लिए निर्यात के अवसर बढ़ने की संभावना भी जताई।

उन्होंने कहा, ”इससे कारों के निर्यात का अवसर भी मिलेगा। यह जरूरी नहीं कि ऑडी ही निर्यात करे, बल्कि भारतीय वाहन उद्योग को इसका लाभ मिल सकता है। दोनों पक्ष अपने-अपने बाजारों का 95 प्रतिशत हिस्सा खोल रहे हैं।”

भाषा योगेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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