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Thursday, 26 March, 2026
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एडीबी ने महाराष्ट्र में कृषि में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 46 करोड़ डॉलर का ऋण मंजूर किया

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नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने महाराष्ट्र के लिए 46 करोड़ डॉलर के परिणाम-आधारित ऋण को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बिजली बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण, वितरित नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और राज्य में किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय भरोसेमंद सौर बिजली प्रदान करके कृषि उत्पादकता में सुधार करना है।

कृषि सौरीकरण के लिए महाराष्ट्र विद्युत वितरण संवर्धन कार्यक्रम राज्य के विद्युत क्षेत्र दृष्टिकोण 2030 के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने में तेजी लाना, ग्रामीण ऊर्जा तक पहुंच में सुधार करना और बिजली क्षेत्र की वित्तीय स्थिरता को मजबूत करना है।

मनीला स्थित बहुपक्षीय वित्त पोषण एजेंसी ने बयान में कहा कि एडीबी द्वारा प्रशासित स्वच्छ प्रौद्योगिकी कोष (सीटीएफ) से चार करोड़ डॉलर का अतिरिक्त रियायती ऋण इस कार्यक्रम का पूरक होगा।

भारत में एडीबी के कंट्री निदेशक मियो ओका ने कहा, ‘‘यह कार्यक्रम कृषि और ऊर्जा दोनों क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा समाधान को एकीकृत करने वाले अंतर-क्षेत्रीय हस्तक्षेपों को आगे बढ़ाने में महाराष्ट्र के साथ एडीबी की दीर्घकालिक साझेदारी पर आधारित है।’’

ओका ने कहा कि यह विकेन्द्रीकृत सौर समाधान, बेहतर ग्रिड विश्वसनीयता और हरित आजीविका के माध्यम से समुदायों, विशेषकर महिलाओं, को सशक्त बनाकर ग्रामीण ऊर्जा परिदृश्य को बदल देगा।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कृषि फीडर को सौर ऊर्जा से जोड़ेगा, ग्रामीण वितरण नेटवर्क को उन्नत करेगा, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (बीईएसएस) की स्थापना करेगा और विशेष रूप से महिलाओं के लिए हरित रोज़गार और उद्यमिता को बढ़ावा देगा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 तक, इस कार्यक्रम का लक्ष्य कम से कम 9,00,000 कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली प्रदान करना और वार्षिक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को 30 लाख टन से अधिक कम करना है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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