मुंबई, 28 अक्टूबर (भाषा) उद्योगपति गौतम अदाणी के नेतृत्व वाली एपीएसईजेड ने वित्तीय राजधानी के पास वधावन बंदरगाह परियोजना में 53,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का हिस्सा बनने की इच्छा व्यक्त की है।
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) ने पालघर जिले के पास अरब सागर में बनने वाली इस बंदरगाह परियोजना में सबसे बड़े शेयरधारक सरकारी जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (जेएनपीए) के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
एपीएसईजेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक अश्विनी गुप्ता ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। पहले समझौते के तहत अदाणी समूह की इकाई ने 26,500 करोड़ रुपये की अपतटीय परियोजनाओं के लिए वधावन बंदरगाह का हिस्सा बनने की इच्छा जाहिर की। दूसरे समझौता ज्ञापन में एपीएसईजेड ने 26,500 करोड़ रुपये की लागत से कंटेनर टर्मिनल के विकास के लिए वधावन बंदरगाह पर भागीदारी करने की अपनी मंशा की पुष्टि की है।
जेएनपीए के चेयरमैन उन्मेष वाघ ने कहा कि वधावन बंदरगाह (जो पहले ही दिन आकार के आधार पर दुनिया के शीर्ष 10 बंदरगाहों में शामिल हो जाएगा) में नौ कंटेनर टर्मिनल होंगे और अदाणी समूह की इकाई ने उनमें से एक में रुचि दिखाई है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह ‘ब्रेकवाटर’ निर्माण जैसे कई अपतटीय कार्य भी होंगे, जिनमें अदाणी समूह भाग लेना चाहता है।
वाघ ने स्पष्ट किया कि ये समझौता ज्ञापन केवल अदाणी समूह द्वारा प्रदर्शित एक रुचि है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य के लिए विस्तृत बोली लगाई जाएगी जिसमें समूह को अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने होंगे।
जेएनपीए के पास वधावन बंदरगाह में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष हिस्सेदारी महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड के पास है जो राज्य सरकार के अधीन है।
भाषा निहारिका पाण्डेय
पाण्डेय
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