(बरुण झा)
दावोस, 16 जनवरी (भाषा) भारत छोटे और मध्यम उद्यमों की क्षमताओं को विस्तार देने के लिए अपना खाद्यान तंत्र विकसित करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सोमवार को जारी एक अध्ययन रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया।
मंच की 53वीं वार्षिक बैठक के पहले दिन जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्यान संकट से निपटने में सक्षम हो चुके देश रोजगार, स्वास्थ्य और प्रकृति में भी उछाल हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा उन्हें शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों को भी हासिल करने में आसानी होगी।
रिपोर्ट में भारत, घाना और वियतनाम को उन देशों की सूची में शामिल किया गया है जिन्होंने छोटे और मध्यम उद्यमों- खासकर किसानों से संबद्ध और स्थानीय खाद्यान श्रृंखला में संचालित उद्यमों की क्षमता को विस्तार देकर अपना खाद्यान तंत्र विकसित किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब खाद्यान तंत्र में बदलाव आता है तो उससे जलवायु परिवर्तन से लेकर आजीविका समेत दुनिया की सबसे मुश्किल समस्याओं का समाधान हो सकता है।
डब्ल्यूईएफ के प्रकृति एवं जलवायु केंद्र के प्रबंध निदेशक जिम हुआए निओ ने कहा, ”बदलते खाद्यान तंत्र से स्वास्थ्यवर्द्धक और पोषक भोजन मिलता है और किसानों और उत्पादकों को सम्मानजनक रोजगार मिलता है।”
भाषा अनुराग प्रेम
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