नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) सार्वजनिक प्रसारक दूरदर्शन ने भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक पहुंच को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। आधिकारिक विज्ञप्ति में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई।
विज्ञप्ति के अनुसार, इस साझेदारी का उद्देश्य दूरदर्शन के व्यापक टेलीविजन, रेडियो और डिजिटल नेटवर्क का इस्तेमाल कर आईसीसीआर द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सांस्कृतिक सामग्री तक पहुंच को बढ़ाना है।
सात अप्रैल को हस्ताक्षरित इस एमओयू के तहत दूरदर्शन विदेश में भारतीय मिशनों और सांस्कृतिक केंद्रों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के साथ-साथ आईसीसीआर मुख्यालय तथा उसके क्षेत्रीय और जोनल कार्यालयों की गतिविधियों का प्रसारण करेगा।
समझौते के तहत आईसीसीआर सांस्कृतिक सामग्री और प्रस्तुतियां उपलब्ध कराएगा, जबकि दूरदर्शन इन्हें अपने विभिन्न मंचों-टेलीविजन चैनलों, रेडियो नेटवर्क, ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर प्रसारित करेगा।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस व्यवस्था के तहत विदेश में भारतीय मिशनों से प्राप्त रिकॉर्डेड सांस्कृतिक सामग्री का भी प्रसारण किया जाएगा, जिससे विभिन्न देशों में भारत की सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित होगी।
समझौते की एक प्रमुख विशेषता सामग्री अधिकारों का संयुक्त स्वामित्व है, जिसमें डिजिटल अधिकार भी शामिल हैं, जिससे दोनों संस्थाएं दीर्घकालिक उपयोग के लिए सामग्री का संग्रहण और प्रसार कर सकेंगी।
दूरदर्शन कार्यक्रमों से पहले विभिन्न मंचों पर उनका प्रचार भी करेगा, ताकि दर्शकों की भागीदारी बढ़ाई जा सके।
इसके अलावा, यह समझौता दूरदर्शन को इस सहयोग के तहत तैयार सामग्री से आय के अवसर तलाशने की अनुमति भी देता है, जिससे सांस्कृतिक प्रसारण पहलों की स्थिरता को बल मिलेगा।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह समझौता तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति से इसे आगे बढ़ाया जा सकेगा।
एमओयू पर दूरदर्शन के महानिदेशक के सतीश नंबूदिरीपाद और आईसीसीआर की महानिदेशक के नंदिनी सिंगला ने दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए।
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