scorecardresearch
Sunday, 1 November, 2026
होमदेशपीलीभीत में SIR गड़बड़ी के बाद कंप्यूटर सहायकों की ECINET आईडी बंद करने का आदेश

पीलीभीत में SIR गड़बड़ी के बाद कंप्यूटर सहायकों की ECINET आईडी बंद करने का आदेश

यूपी के पीलीभीत में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े स्तर पर गलतियां सामने आई हैं. विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पंजीकृत मतदाताओं के EPIC नंबर के सामने दूसरे मतदाताओं की जानकारी दिखाई जा रही थी.

Text Size:

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने शनिवार को जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के कार्यालयों में काम करने वाले कंप्यूटर सहायकों (मतदाता पंजीकरण केंद्र के ऑपरेटरों) की ECINET लॉगिन आईडी तुरंत बंद कर दें.

कंप्यूटर सहायक आउटसोर्स किए गए कर्मचारी होते हैं, जिन्हें डेटा एंट्री के लिए रखा जाता है, क्योंकि स्थानीय चुनाव अधिकारियों के पास इसके लिए जरूरी प्रशिक्षण नहीं होता.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा कि यह कार्रवाई पीलीभीत जिले से कंप्यूटर सहायकों को दी गई ECINET लॉगिन आईडी के “गलत इस्तेमाल” को लेकर मिली शिकायतों और जानकारी के आधार पर की जा रही है.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “जिला निर्वाचन अधिकारी अपने जिलों के सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को जरूरी तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश देंगे. जिले की सभी विधानसभा सीटों में चल रहे मतदाता पंजीकरण केंद्रों के ऑपरेटरों की लॉगिन आईडी बंद कर दी जाएगी, ताकि कोई भी मतदाता पंजीकरण केंद्र का ऑपरेटर अपनी लॉगिन आईडी के जरिए ECINET पोर्टल पर कोई भी गतिविधि न कर सके.”

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने यह भी कहा कि सभी लॉगिन आईडी बंद होने के बाद संबंधित ERO से इसकी पुष्टि ली जाएगी.

कार्यालय ने कहा, “जिला निर्वाचन अधिकारी सभी विधानसभा क्षेत्रों में की गई कार्रवाई की व्यक्तिगत रूप से जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि अनुपालन रिपोर्ट तुरंत मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को दी जाए.”

जिनके जरिए कंप्यूटर सहायकों को रखा गया था, उस कंपनी को भी विधानसभा क्षेत्र 127-पीलीभीत में तैनात कर्मचारियों की सेवा तुरंत खत्म करने का निर्देश दिया गया है.

यूपी के पीलीभीत में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े स्तर पर गलतियां सामने आई हैं. विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पंजीकृत मतदाताओं के EPIC नंबर के सामने दूसरे मतदाताओं की जानकारी दिखाई जा रही थी.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, जांच में सामने आया कि 31 मई 2026 से 29 अगस्त 2026 के बीच कुल 13,779 फॉर्म “गलत तरीके से” दर्ज किए गए थे, जिनमें से 10,470 को मंजूरी दे दी गई थी.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने शुक्रवार को इस मामले में पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी और उनके पूर्व अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा.

पीलीभीत में हुई गलतियां

22 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा था कि विधानसभा क्षेत्र 127-पीलीभीत की मतदाता सूची में मिली गड़बड़ियों के मामले में मौजूदा और पूर्व दोनों ERO के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी. इसके अलावा, दोनों ERO के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए थे. मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक की सेवाएं भी खत्म करने के निर्देश दिए गए थे.

यह कार्रवाई पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी से मिली विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद की गई थी. रिपोर्ट में विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के EPIC नंबर के सामने किसी दूसरे मतदाता की जानकारी दिखाए जाने की शिकायत की जांच की गई थी.

127-पीलीभीत के मतदाता पंजीकरण केंद्र में काम करने वाले कंप्यूटर सहायक और स्थानीय ERO के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई. साथ ही, मामले में संबंधित सहायक ERO की भूमिका की पूरी जांच करने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने शनिवार को कहा कि “मतदाता सूची से जुड़े काम की शुद्धता, सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन निर्देशों का सख्ती से और तुरंत पालन सबसे प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा.” मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने आगे कहा, “इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: मोदी कांग्रेस का सामना कर सकते हैं लेकिन असली चुनौती युवाओं के विरोध से निपटना है


 

share & View comments