देहरादून, 23 अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैबिनेट सहयोगी सुबोध उनियाल द्वारा पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को मंच पर कथित रूप से फटकार लगाए जाने से जुड़े विवाद के बीच शुक्रवार को गायक से फोन पर बात की और कहा कि पिछले घटनाक्रम को पीछे छोड़कर आपसी सौहार्द के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
धामी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी देते हुए कहा, ‘‘प्रसिद्ध गायक दलेर मेहंदी जी से फोन पर बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान पिछले दिनों हुए घटनाक्रम के संबंध में भी चर्चा हुई।’’
उत्तराखंड को ‘अतिथि देवो भव:’ की समृद्ध परंपरा का संवाहक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसंस्कृति, आत्मीय आतिथ्य और सौहार्द की भावना देवभूमि की विशिष्ट पहचान है। यहां कला, संस्कृति और कलाकारों का सदैव स्वागत एवं सम्मान किया जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयास है कि इस घटनाक्रम को पीछे छोड़कर आपसी संवाद, सौहार्द और सकारात्मकता की भावना के साथ आगे बढ़ा जाए।’’
मुख्यमंत्री ने इस मामले में बृहस्पतिवार को दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह से भी बात की थी। इससे पहले उन्होंने कहा था कि दलेर मेहंदी और मीका सिंह दोनों से उनकी मित्रता है और वह उनसे बात करेंगे।
धामी ने कहा था कि उस समय मंत्री पर जनता का दबाव रहा होगा। उन्होंने कहा कि जब उनियाल स्वयं यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्हें दलेर मेहंदी की खराब तबीयत की जानकारी नहीं थी और उनका गायक को अपमानित करने का कोई इरादा नहीं था, तो ‘‘सबको इस मामले की यहीं पर इतिश्री कर देनी चाहिए।’’
टिहरी जिले के नरेंद्रनगर क्षेत्र में 18 अक्टूबर की रात आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान विवाद हुआ था। उनके लाइव गायन और पृष्ठभूमि में बज रहे साउंड ट्रैक में अलग-अलग आवाजें सुनाई देने पर हंगामा हो गया था।
इस कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री उनियाल इस पर नाराज हो गए और मंच पर पहुंचकर मेहंदी से कहा कि उन्हें मनोरंजन के लिए काफी पैसे देकर बुलाया गया है।
उनियाल ने कहा कि जब वह बोल भी नहीं पा रहे हैं, तो गाएंगे क्या। इस दौरान मंच पर कुछ देर के लिए असहज स्थिति बन गई।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों ने प्रतिक्रियाएं दीं। मंत्री को उनके व्यवहार के लिए मनोरंजन जगत की हस्तियों और राजनीतिक दलों की आलोचना का सामना करना पड़ा।
मीका सिंह ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था।
विवाद बढ़ने के बाद उनियाल ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा था कि दलेर मेहंदी को बड़ा नाम होने के कारण कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्हें अपनी खराब तबीयत के बारे में पहले ही बता देना चाहिए था।
उनियाल ने कहा, ‘‘जब मंच पर यह स्पष्ट हो गया कि वह गा नहीं रहे हैं, बल्कि केवल लिप-सिंक कर रहे हैं, तो स्थानीय जनप्रतिनिधि और आयोजन समिति से जुड़े होने के नाते मुझ पर लोगों का दबाव था कि इस बारे में सवाल उठाया जाए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह न तो बोल पा रहे थे और न ही चल पा रहे थे। उस समय मुझे लगा कि शायद वह किसी नशे के प्रभाव में हैं। मुझे नहीं पता कि किस चीज के, क्योंकि कोई चिकित्सकीय जांच नहीं हुई थी।’’
मंत्री ने कहा कि उन्हें बाद में पता चला कि खराब तबीयत के कारण दलेर मेहंदी बोल नहीं पा रहे थे।
उनियाल ने कहा, ‘‘अगर उनकी तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था। हमसे 35 लाख रुपये का पूरा भुगतान पहले ही ले लिया गया था और होटल भी पहले से बुक कर दिए गए थे। मेरी उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है और न ही मेरा उन्हें ठेस पहुंचाने का कोई इरादा था।’’
भाषा
दीप्ति रवि कांत
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