(फाइल फोटो के साथ)
देहरादून, 22 अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी कैबिनेट सहयोगी रेखा आर्य और उनके पति द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए आरोप-प्रत्यारोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि शादी के 22 साल बाद ये आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं।
राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री आर्य ने पिछले सप्ताह अपने पति गिरधारी लाल साहू पर मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, धोखाधड़ी, जालसाजी और हत्या की साजिश रचने के आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया। उधर, साहू ने दावा किया कि आर्य के पास 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है।
मुख्यमंत्री ने यहां सत्तारूढ़ भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘ये सब विषय जांच के हैं। वे 22 सालों तक साथ-साथ रहे हैं तो फिर अब तक ये आरोप क्यों नहीं लगाए गए।’’
उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और इस मामले का इस्तेमाल किसी के राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक निष्पक्ष जांच जरूरी है और कोई भी गुनाहगार कानून से बचना नहीं चाहिए ।’’
आर्य ने साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप भी जारी की, जिसमें साहू कथित तौर पर किसी अन्य महिला के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रचते हुए सुनाई दे रहे हैं।
मामले की जांच के लिए गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोमवार को मंत्री का बयान दर्ज कर उनसे जांच के लिए वह ऑडियो रिकॉर्डिंग भी ली है ।
हालांकि, साहू ने आर्य के इन आरोपों को खारिज कर दिया । एक वीडियो जारी कर साहू ने अपनी पत्नी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और दावा किया कि उनके पास 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की किसी उचित एजेंसी से जांच कराने की भी मांग की । हालांकि, आर्य ने इन आरोपों को गलत बताया ।
साहू ने आर्य द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई ऑडियो रिकॉर्डिंग को भी ‘एआई’ की मदद से बनाया गया बताया और कहा कि यह परिवार तोड़ने के लिए बनाया गया है ।
साहू ने आर्य से अपनी शिकायत वापस लेने की अपील की और खुद पर लगाए गए आरोपों को झूठा बताया ।
भाषा दीप्ति
राजकुमार
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