प्रयागराज, 26 जून (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आगरा के ‘पंछी पेठा’ ट्रेडमार्क का उपयोग करने के लिए दर्ज प्राथमिकी रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति डॉक्टर कौशल जयेन्द्र ठाकर और न्यायमूर्ति गौतम चौधरी की पीठ ने बृजेश उर्फ भोला नाम के व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उसके मुवक्किल द्वारा ना तो कॉपीराइट कानून का उल्लंघन किया गया है औऱ ना ही ट्रेड मार्क कानून का उल्लंघन किया गया है। कारोबारी प्रतिद्वंद्विता की वजह से प्रतिवादी (पंछी पेठा फर्म के मालिक) ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। याचिकाकर्ता ने कहीं भी पंछी पेठा नाम का उपयोग नहीं किया है।
वकील ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। वह पंछी पेठा ट्रेडमार्क का उपयोग किए बगैर पेठा और दालमोठ का व्यवसाय चला रहा है। यह व्यवसाय चलाने से पहले वह पंछी पेठा फर्म में 2015 से 2020 तक बतौर मैनेजर काम कर रहा था और देश में लाकडाउन के बाद उसने अपना व्यवसाय शुरू किया।
अदालत ने 21 जून को पारित अपने निर्णय में कहा, “हमने दस्तावेजी साक्ष्य देखे हैं। याचिकाकर्ता की फर्म में पेठा शब्द से पहले पंछी का लोगो लगा है जिससे प्रतीत होता है कि यह फर्म पंछी पेठा का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए हम इस याचिका पर विचार नहीं कर सकते और यह नहीं कहा जा सकता कि प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता है।”
उल्लेखनीय है कि पंछी पेठा ट्रेडमार्क की नकल करने के लिए याचिकाकर्ता के खिलाफ 15 जनवरी, 2022 को आगरा के ताजगंज पुलिस थाना में आईपीसी की सुसंगत धाराओं और कापीराइट कानून की धारा 63 एवं 65 और ट्रेडमार्क कानून की धारा 103, 104 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
भाषा राजेंद्र राजेंद्र संतोष
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