नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय बजट 2026-27 में दिल्ली के लिए आवंटन पिछले वर्ष के समान ही 1,348 करोड़ रुपये है। यह दिल्ली में नयी भाजपा सरकार के तहत पहला बजट है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक कदम है।
केंद्रीय बजट 2026-27 के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय से दिल्ली को कुल 1348.01 करोड़ रुपये आवंटित होंगे, जिनमें राजस्व मद के तहत 968.01 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय मद के तहत 380 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल हैं।
ये आंकड़े 2025-26 वित्तीय वर्ष के बजट अनुमानों को दर्शाते हैं।
बजट दस्तावेज के अनुसार, दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्रीय सहायता के रूप में 951 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी सरकार की विभिन्न योजनाओं को वित्त पोषित करना है।
चंद्रावल जल उपचार संयंत्र को 380 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता प्रदान की गई, जिसका उद्देश्य मौजूदा जल आपूर्ति अवसंरचना में सुधार करना, कमान क्षेत्र में समान जल वितरण सुनिश्चित करना और चौबीस घंटे जलापूर्ति आपूर्ति प्रणाली स्थापित करना था।
दिल्ली को 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को अधिक मुआवजा देने के लिए दो करोड़ रुपये का अनुदान और भूकंप, सूखा और बाढ़ जैसी अधिसूचित आपदाओं के मामले में राहत प्रदान करने के लिए बनाए गए केंद्र शासित प्रदेश आपदा प्रतिक्रिया कोष में योगदान के लिए 15 करोड़ रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ।
वित्तवर्ष 2025-26 के बजट अनुमानों के अनुसार, दिल्ली को हस्तांतरित की जाने वाली राशि 1348.01 करोड़ रुपये थी। 2025-26 के संशोधित अनुमानों में यह राशि घटकर 1242 करोड़ रुपये हो गई।
गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकाय, आपदा प्रबंधन अनुदान के रूप में राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान करने से उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
भाषा धीरज प्रशांत
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