नई दिल्ली: दिल्ली के सरदार पटेल विद्यालय में आयोजित होने वाला स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम शुक्रवार को सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया. इस कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की प्रोफेसर एमेरिटा जोया हसन को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था. बताया गया कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) के सदस्य स्कूल कैंपस के बाहर कथित तौर पर विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए थे.
प्रोफेसर हसन को शुक्रवार सुबह 10 बजे शुरू होने वाले कार्यक्रम में “बहुलवाद” विषय पर बोलना था. कार्यक्रम की घोषणा सार्वजनिक नहीं की गई थी, लेकिन इसके बारे में जानकारी अभिभावकों के साथ साझा की गई थी.
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने दिप्रिंट को बताया कि स्कूल एक महीने से ज्यादा समय से प्रोफेसर हसन के संपर्क में था और गुरुवार रात तक कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं. दो फैकल्टी सदस्यों को प्रोफेसर हसन को उनके घर से स्कूल तक लेकर आना था.
उनमें से एक ने कहा, “इसके बजाय, स्कूल के सुरक्षा कर्मचारी उनके घर पहुंचे और उन्हें बताया कि उनके और स्कूल की सुरक्षा को खतरा होने के कारण कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है.”
उन्होंने आगे बताया कि शुक्रवार सुबह VHP का एक समूह स्कूल परिसर के बाहर पहुंचा और नारेबाजी शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची. प्रोफेसर हसन से संपर्क करने पर उन्होंने दिप्रिंट से घटना की पुष्टि की. दिप्रिंट ने स्कूल की प्रिंसिपल अनुराधा जोशी से भी इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी है. उनका जवाब मिलने पर इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा.
दिल्ली पुलिस ने दिप्रिंट को बताया कि उन्हें स्कूल की ओर से कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति की जानकारी देने के लिए कॉल किया गया था. स्कूल ने यह भी चेतावनी दी थी कि जवाब देने में किसी भी तरह की देरी से गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा हो सकता है.
इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर कई पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमें बताया गया था कि प्रोफेसर हसन की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य को देखते हुए स्कूल कार्यक्रम रद्द कर रहा है. इसे दिल्ली पुलिस के कहने पर रद्द नहीं किया गया था. हमने केवल यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को भेजा था कि कानून-व्यवस्था की स्थिति और न बिगड़े.”
दPrint को यह भी पता चला कि पिछले दो दिनों से हसन को सोशल मीडिया पर नफरत भरे कमेंट और धमकियां मिल रही थीं. इस घटना की सोशल मीडिया पर आलोचना भी हुई.
अर्थशास्त्री और JNU की पूर्व प्रोफेसर जयति घोष ने X पर कई पोस्ट में कहा, “जब कार्यक्रम रद्द करने के लिए आधिकारिक सूत्रों की ओर से स्कूल पर अनौपचारिक दबाव काम नहीं आया, तो उन्होंने आखिरी समय में यह बेहद कदम उठाया. हमारे सबसे प्रतिष्ठित सामाजिक वैज्ञानिकों में से एक का स्कूली बच्चों को बहुलवाद पर व्याख्यान देना हमारे मौजूदा नेताओं के लिए बहुत ज्यादा है.”
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने भी X पर पुलिस की आलोचना की. उन्होंने लिखा, “@DelhiPolice को VHP के गुंडों को रोकना चाहिए था, लेकिन उन्होंने स्कूल को प्रोफेसर जोया हसन की बातचीत रद्द करने के लिए मजबूर कर दिया. फिर भी वे चाहते हैं कि एक पेशेवर बल के तौर पर उनका सम्मान किया जाए. बच्चे खुद पता लगा लेंगे कि प्रोफेसर हसन को उनसे मिलने से क्यों रोका गया.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ के बस्तर में पूर्व नक्सली कैसे कर रहे हैं नई जिंदगी की शुरुआत