नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को उस जनहित याचिका (पीआईएल) पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें 6 जून को राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर एहतियाती, नियामक और भीड़ नियंत्रण उपाय करने के निर्देश देने की मांग की गई थी.
यह याचिका एनजीओ Save India Foundation की ओर से दायर की गई है.
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता उमेश चंद शर्मा और विकास शर्मा ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया.
याचिका में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर कई संदेश प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों से हवाई अड्डे पर व्यवधान पैदा करने और पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने के लिए पेपर स्प्रे तथा लकड़ी की लाठियां साथ रखने की अपील की जा रही है.
याचिका के अनुसार, प्रदर्शन की रणनीति ऐसे क्रमिक कार्यों पर आधारित है जो संस्थानों के प्रति अवज्ञा और सरकार के खिलाफ शत्रुता को बढ़ावा देते हैं. इसमें कथित तौर पर घृणास्पद भाषण, लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को हटाने की अपील और प्रमुख आयोजकों की गिरफ्तारी होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग भी शामिल है.
याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों में श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल जैसे पड़ोसी लोकतांत्रिक देशों में हाल में हुई अशांति और राजनीतिक उथल-पुथल का हवाला देकर लोगों को वर्तमान सरकार के खिलाफ उकसाया जा रहा है.
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ कानूनी पेशे से जुड़े लोग आम नागरिकों को कानून और सरकारी नियमों की अनदेखी करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं तथा बिना शर्त मुफ्त कानूनी सहायता देने और आपराधिक कार्रवाई से बचाने का आश्वासन दे रहे हैं.
याचिकाकर्ता के अनुसार, 6 जून को जंतर-मंतर पर लाखों लोगों के जुटने का आह्वान किया गया है, जिसे कई सार्वजनिक हस्तियां भी बढ़ावा दे रही हैं. इससे सार्वजनिक सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.
याचिका में कहा गया है कि कुछ वीडियो में प्रतिभागियों को हवाई अड्डे पर बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा करने तथा पेपर स्प्रे और लकड़ी की लाठियां खरीदकर पुलिस की भीड़ नियंत्रण कार्रवाई का विरोध करने के निर्देश दिए जा रहे हैं.
याचिकाकर्ता ने बताया कि इस संबंध में 4 जून को दिल्ली पुलिस आयुक्त और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट एहतियाती दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं.
इसी के चलते याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए तत्काल हस्तक्षेप और अंतरिम राहत की मांग की है.
याचिका में अदालत से दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे याचिकाकर्ता के ज्ञापन पर कार्रवाई करें और आईजीआई एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशनों तथा प्रमुख राजमार्गों सहित सभी प्रवेश मार्गों पर आवश्यक एहतियाती, नियामक और भीड़ नियंत्रण उपाय लागू करें.
साथ ही, दिल्ली पुलिस, दिल्ली सरकार और संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों को प्रदर्शन को सीमित करने, नियंत्रित करने या अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश देने की मांग की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और एंबुलेंस, दमकल सेवा, हवाई अड्डे, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित न हों.