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Wednesday, 23 September, 2026
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने ईडी मामले में एडीएजी के पूर्व अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को जमानत दी

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नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में जमानत दे दी है।

उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति मधु जैन ने कहा कि 70 वर्षीय आरोपी को ‘‘व्यवस्थित और लगातार चिकित्सा देखभाल’’ की आवश्यकता है, इसलिए वह धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ‘‘अस्वस्थ या अशक्त’’ व्यक्ति को जमानत देने के लिए निर्धारित वैधानिक अपवाद का लाभ पाने के हकदार हैं।

न्यायाधीश ने कहा कि अदालत के समक्ष उपलब्ध सामग्री से ‘‘बढ़ती उम्र, रीढ़ की गंभीर समस्या, ऑस्टियोपोरोसिस, निगरानी में पुनर्वास की आवश्यकता और लगातार उपचार की जरूरत वाली पहले से मौजूद हृदय संबंधी बीमारी’’ का मामला सामने आया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में 15 अप्रैल को झुनझुनवाला को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने स्वास्थ्य आधार पर नियमित जमानत की मांग की थी।

जांच एजेंसी ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए दावा किया कि याचिकाकर्ता ‘‘बीमार’’ या ‘‘अशक्त’’ होने की तय सीमा को पूरा नहीं करता है।

ईडी ने दलील दी कि आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और सरकारी अस्पतालों द्वारा सुझाई गई जांच एवं उपचार की सुविधा को हिरासत में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्था के जरिए मुहैया कराया जा सकता है।

मंगलवार को सुनाए गए फैसले में अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया कि जमानत देने के लिए पीएमएलए की धारा 45(1) के प्रावधान के तहत ‘‘बीमार या अशक्त’’ होने के आधार पर राहत देने से पहले आरोपी की स्थिति ‘‘जीवन के लिए अपरिवर्तनीय या आसन्न खतरे’’ तक पहुंचना जरूरी है।

अदालत ने कहा कि चिकित्सा अपवाद का उद्देश्य यह इंतजार करना नहीं है कि अपर्याप्त उपचार के कारण स्थिति अपरिवर्तनीय हो जाए, बल्कि उचित मामलों में समय रहते हस्तक्षेप की अनुमति देना है।

अदालत ने झुनझुनवाला को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतों पर रिहा करने का निर्देश दिया।

अदालत ने पासपोर्ट जमा करने, अनुमति के बिना देश से बाहर यात्रा नहीं करने और गवाहों को प्रभावित नहीं करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने समेत अन्य शर्तें भी लगाईं।

इस मामले में जांच अनिल अंबानी समूह की कंपनियों जैसे रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के जरिये कथित रूप से शेल या फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल करके किए गए बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़ी है।

भाषा रंजन संतोष

संतोष

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यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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