नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) दिल्ली विधानसभा ने शुक्रवार को उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना के अभिभाषण के दौरान भाजपा विधायकों द्वारा व्यवधान डालने को सदन की परंपरा का उल्लंघन बताते हुए इस मामले को आचार समिति को भेजने के लिए प्रस्ताव पारित किया।
इसके पहले दिन में सक्सेना ने सदन में बजट सत्र के पहले दिन जैसे ही अपना अभिषाषण शुरू किया, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों ने अब निरस्त की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाने शुरू कर दिये।
इस पर आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने भाजपा का विरोध किया और इसके खिलाफ अडाणी मुद्दे को लेकर नारे लगाये।
विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल के निर्देश पर जबरदस्ती तीन भाजपा विधायकों को बाहर किया गया, लेकिन बाकी भाजपा विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया। इसके बाद उपराज्यपाल ने अपने अभिभाषण पूरा किया।
मार्शल ने भाजपा विधायक जितेंद्र महाजन, ओपी शर्मा और अनिल बाजपेयी को मार्शल ने सदन से बाहर कर दिया।
स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज की ओर से लाये गये इस प्रस्ताव में कहा गया है कि भाजपा विधायकों ने उपराज्यपाल के अभिभाषण में व्यवधान डाला और इस मामले को आचार समिति को भेजना चाहिए क्योंकि यह सदन की परंपरा का उल्लंघन है।
पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि इस तरह का व्यवधान सदन की अवमानना है।
नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एक बयान में दावा किया कि भाजपा के तीन विधायकों को मार्शल द्वारा बाहर कराने की विधानसभा अध्यक्ष की कार्रवाई भी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
भाषा संतोष नरेश
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