नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) दिल्ली सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे आश्रय गृहों में रह रहे हजारों बेघर और गरीब लोगों को राहत देते हुए अक्षय पात्र फाउंडेशन ने शनिवार को कहा कि उसने लोगों के लिए भोजन की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी है।
धन की कमी का हवाला देते हुए फाउंडेशन ने 26 अप्रैल को आश्रय गृहों को भोजन की आपूर्ति बंद कर दी थी।
दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए मुफ्त भोजना योजना को जारी रखने का आदेश दिया था कि यह सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक व्यक्ति को भोजन प्राप्त हो।
गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) अक्षय पात्र ने एक बयान में कहा कि उच्च न्यायालय के एक अंतरिम आदेश के बाद फाउंडेशन ने राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के सहयोग से आश्रय गृहों को भोजन की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी है।
हालांकि, इसमें कहा गया है कि महत्वपूर्ण रसद और खरीद मुद्दों के कारण शनिवार को फिर से शुरू होने वाली इस योजना में अगले तीन दिनों तक 180 से अधिक आश्रय गृहों में केवल नाश्ता और दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और न्यासी भारतर्षभा दास ने एक बयान में कहा कि फाउंडेशन दो मई से रहवासियों को नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना परोसकर सामान्य भोजन आपूर्ति फिर से बहाल करेगा।
इस, बीच उप राज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह कोविड-19 के दौरान परोसे गए भोजन का भुगतान नहीं किये जाने के संबंध में अक्षय पात्र फाउंडेशन की शिकायत पर गौर करें।
उप राज्यपाल कार्यालय द्वारा मुख्य सचिव को शुक्रवार को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सक्सेना ने सरकार के साथ ‘भुगतान मुद्दे’ को लेकर अक्षय पात्र द्वारा आश्रय गृहों में भोजन की आपूर्ति रोके जाने पर चिंता जताई है।
भाषा
धीरज दिलीप
दिलीप
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