scorecardresearch
Tuesday, 28 April, 2026
होमदेशदिल्ली: एक सर्वेक्षण में मिली श्रीमद्भागवत की लगभग 300 वर्ष पुरानी सचित्र पांडुलिपियां

दिल्ली: एक सर्वेक्षण में मिली श्रीमद्भागवत की लगभग 300 वर्ष पुरानी सचित्र पांडुलिपियां

Text Size:

(श्रुति भारद्वाज)

नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) केंद्र सरकार के ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत किए गए एक सर्वेक्षण के दौरान दिल्ली में श्रीमद् भागवत की लगभग 300 वर्ष पुरानी सचित्र पांडुलिपि, कुन्द कुन्द भारती से प्राप्त एक दुर्लभ जैन पांडुलिपि और चिकित्सा पर आधारित 250 वर्ष पुराना एक ग्रंथ मिला।

दिल्ली सरकार के अभिलेखागार विभाग द्वारा शुरू किया गया यह सर्वेक्षण 75 वर्ष से अधिक पुरानी व धर्म, चिकित्सा और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों से संबंधित अपंजीकृत पांडुलिपियों की पहचान एवं मानचित्रण के लिए किया गया है।

एक अधिकारी ने बताया कि यह अभियान 16 अप्रैल को शुरू हुआ और 15 जून तक जारी रहेगा।

वर्तमान चरण में पांडुलिपियों का पता लगाने, उनका दस्तावेजीकरण करने और उन्हें भौगोलिक रूप से चिह्नित करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है ताकि एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में डॉ. बी. आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय और गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के 13-13 छात्र, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी शोधार्थियों के साथ मिलकर दिल्ली भर में ऐसे पांडुलिपियों की पहचान करने तथा उन्हें संरक्षित करने वाले परिवारों से बातचीत करने के लिए क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं।

अधिकारी ने बताया, “हम इस मिशन के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए शहर भर में ‘रेडियो जिंगल्स’ और ‘होर्डिंग्स’ लगाने की योजना बना रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग हमसे संपर्क कर सकें।”

उन्होंने बताया कि लोग अपनी पांडुलिपियों को सूचीबद्ध कराने के लिए विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

अधिकारी ने बताया कि कई लोग अक्सर पांडुलिपियों को दुर्लभ पुस्तकों, पत्रों या अप्रकाशित टाइप किए गए दस्तावेजों से भ्रमित कर देते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पांडुलिपि हस्तलिखित होनी चाहिए, कम से कम 75 वर्ष पुरानी होनी चाहिए और साहित्यिक मूल्य रखती होनी चाहिए, आमतौर पर एक पूर्ण कृति के रूप में जिसका आरंभ और अंत हो।

अधिकारी ने समझाया, “ हस्तलिखित पत्र महत्वपूर्ण अभिलेखीय रिकॉर्ड हो सकते हैं लेकिन वे पांडुलिपियों की श्रेणी में नहीं आते हैं।”

भाषा जितेंद्र माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments