scorecardresearch
Friday, 15 May, 2026
होमदेशनिवेश और 15,000 नौकरियों के प्रस्ताव के बाद अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप हट सकते हैं—NYT का दावा

निवेश और 15,000 नौकरियों के प्रस्ताव के बाद अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप हट सकते हैं—NYT का दावा

हालांकि, प्रॉसिक्यूटर ने अडानी के वकील से कहा कि इन्वेस्टमेंट ऑफर के समाधान में कोई रोल नहीं होगा. एक रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग मामलों में उन पर अभी भी लगभग 300 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगने की संभावना है.

Text Size:

नई दिल्ली: द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का न्याय विभाग अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप हटाने की योजना बना रहा है. इसके पीछे एक “असामान्य प्रस्ताव” बताया गया है. इसमें समूह द्वारा अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 10 अरब डॉलर का निवेश और 15,000 नौकरियां पैदा करने की बात कही गई है.

अमेरिका में अडानी की कानूनी टीम की कोशिशों में कानूनी रणनीति में बदलाव भी शामिल था, ताकि उनके खिलाफ चल रहे रिश्वत मामले को सुलझाया जा सके. 2024 में अमेरिका में आरोप तय होने के बाद, अरबपति अडानी पर एक बड़े रिश्वत और धोखाधड़ी के मामले को चलाने का आरोप लगा था, जिससे अमेरिकी निवेशकों को नुकसान हुआ.

NYT ने बताया कि अडानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के निजी वकील रॉबर्ट जे. गिफ्रा जूनियर को नियुक्त किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि अलग-अलग मामलों में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) और ट्रेजरी विभाग की जांच में अडानी पर आर्थिक जुर्माना लग सकता है. हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाए गए आपराधिक आरोप अगले कुछ दिनों में हटाए जा सकते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने गिफ्रा ने न्याय विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने 100 से ज्यादा स्लाइड वाली प्रस्तुति में अपने मुवक्किल का पक्ष रखा. इसमें कहा गया कि अमेरिका के पास अडानी के खिलाफ मामला चलाने का अधिकार क्षेत्र नहीं है और पर्याप्त सबूत भी नहीं हैं. प्रस्तुति की एक स्लाइड में यह भी कहा गया कि “अगर अभियोजक आरोप हटा देते हैं, तो श्री अडानी अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 10 अरब डॉलर निवेश करने और 15,000 नौकरियां देने के लिए तैयार होंगे.”

अभियोजकों ने गिफ्रा से साफ कहा कि निवेश का प्रस्ताव आपराधिक मामले के निपटारे में कोई भूमिका नहीं निभाएगा. हालांकि, NYT के अनुसार, न्याय विभाग के कम से कम एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी.

यह मामला अमेरिका में बढ़ती उस धारणा को दिखाता है कि न्याय विभाग उन मामलों में नरमी बरत सकता है जिनमें ट्रंप के करीबी लोग शामिल हों. 2025 में दोबारा सत्ता में आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सहयोगियों और पुराने व्यापारिक साझेदारों सहित कई लोगों को माफी दी है.

हालांकि अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप हटाए जा सकते हैं, लेकिन उन पर SEC और अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा करीब 30 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है. NYT रिपोर्ट के अनुसार, SEC लगभग 1.8 करोड़ डॉलर के जुर्माने पर समझौता कर सकता है, जिसका भुगतान आंशिक रूप से अडानी और दूसरी पार्टी द्वारा किया जाएगा.

ट्रेजरी विभाग अडानी के साथ 27.5 करोड़ डॉलर में समझौता करना चाहता है. विभाग फिलहाल अडानी समूह की जांच कर रहा है कि क्या उसने अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए ईरानी गैस की ढुलाई की थी.

भारतीय अरबपति अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और कई अन्य लोगों पर मूल रूप से लगभग 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत योजना चलाने का आरोप लगाया गया था. आरोप था कि भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देकर सोलर पावर के ठेके समूह को दिलाए गए.

24 अक्टूबर को न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की जिला अदालत में दाखिल और नवंबर 2024 में सार्वजनिक किए गए आरोपपत्र के बाद समूह को बड़े कारोबारी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा. अडानी की कुल संपत्ति 100 अरब डॉलर से ज्यादा है.

अडानी के खिलाफ मामला

अमेरिकी आरोपपत्र के अनुसार, यह योजना अडानी ग्रीन एनर्जी और एज़्योर पावर को 12 गीगावॉट (GW) सौर ऊर्जा सप्लाई का ठेका मिलने से जुड़ी थी.

सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को इन दोनों कंपनियों द्वारा बनाई गई 12 GW बिजली के खरीदार खोजने की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप था कि तय की गई ऊंची बिजली कीमतों के कारण SECI खरीदार ढूंढने में असफल रहा.

जब परियोजना मुश्किल में पड़ गई, तब अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, अडानी और अन्य लोगों ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की योजना बनाई. इसके बदले घरेलू बिजली कंपनियों से SECI के साथ बिक्री समझौते करवाए गए, जिससे परियोजना आगे बढ़ सकी.

इसी दौरान, जब आरोपी भारत में कथित रिश्वत योजना में शामिल थे, उनकी कंपनियां अमेरिकी निवेशकों से पैसा जुटाने की कोशिश भी कर रही थीं. आरोपपत्र में यह बात कही गई.

आरोपपत्र के तुरंत बाद अडानी ग्रीन एनर्जी ने 60 करोड़ डॉलर के डॉलर बॉन्ड जुटाने की अपनी योजना रोक दी.

अडानी ने पहली बार अमेरिका में 10 अरब डॉलर निवेश करने का वादा नवंबर 2024 में, आरोपपत्र सार्वजनिक होने से लगभग एक हफ्ते पहले और ट्रंप की चुनाव जीत के बाद किया था. यह घोषणा सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की गई थी. हालांकि, आरोपपत्र के कारण अडानी की निवेश योजनाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: चुनावी नतीजों के 10 दिन बाद कांग्रेस ने लिया फैसला, वीडी सतीसन होंगे केरल के 13वें मुख्यमंत्री


 

share & View comments