scorecardresearch
Saturday, 30 September, 2023
होमदेश‘दृश्यम’ देखकर कैसे उदयपुर के तांत्रिक ने ग्लू से रची 'परफेक्ट मर्डर' करने की साजिश

‘दृश्यम’ देखकर कैसे उदयपुर के तांत्रिक ने ग्लू से रची ‘परफेक्ट मर्डर’ करने की साजिश

राहुल मीणा और सोनू कुंवर की 'हत्या' करने से पहले भालेश कुमार ने कथित तौर पर क्राइम थ्रिलर ‘दृश्यम’ को न जाने कितनी बार देखा. पकड़ा न जाए, इसके लिए पूरी तैयारी की, रास्ते में आने वाले सभी सीसीटीवी का पता लगाया और अपने पक्ष में संभावित गवाहों को तैयार करने के लिए पूरी कहानी रची.

Text Size:

उदयपुर: ‘परफेक्ट मर्डर’ करने की साजिश रचने के लिए उसने अपने हथियारों को कथित तौर पर हफ्तों पहले से तैयार करना शुरू कर दिया था. चाकू की धार को पत्थर पर घिसकर पैना किया और अलग-अलग शीशियों से निकालकर दो सौ मिलीलीटर सुपर ग्लू तैयार की. अपने आपको घटनास्थल पर मौजूद न होने का पूरा सीन क्रिएट करने के लिए अजय देवगन की 2015 की क्राइम-थ्रिलर ‘दृश्यम’ को न जाने कितनी बार दे.

खा. कथित हत्यारे के बारे में कहा जा रहा है कि उसने अपराध स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की थी ताकि वह किसी भी तरह से उनकी पकड़ में न आ सके. उसने अपने पक्ष में संभावित गवाहों तैयार करने के लिए पूरी कहानी रची थी.

जब 18 नवंबर को राहुल मीणा और उनकी कथित प्रेमिका सोनू कंवर के नग्न शरीर केलाबावाड़ी जंगल के में मिले तो हर कोई हर कोई उनकी वीभत्स तरीके से की गई हत्या से हैरान था. उनके सिरों को पत्थर से बुरी तरह से फोड़ा गया था, गला कटा हुआ था. प्राइवेट पार्टस पर गंभीर चोटें थीं और उनकी त्वचा के कुछ हिस्से बुरी तरह से छिले हुए थे.

स्थानीय पुलिस ने दिप्रिंट को बताया कि उन्हें पहले संदेह था कि यह जोड़ा ‘ऑनर किलिंग’ या ‘लूट’ का शिकार हुआ है. लेकिन जब जांच कि तो पता चला कि मारने से पहले उनकी आंखों, मुंह और पूरे शरीर को सुपर ग्लू से चिपका दिया गया था. तब उन्हें एहसास हुआ कि यह एक साधारण हत्या नहीं है.

पुलिस को अपना शक सही साबित करने के लिए और भी कई सबूत मिले थे. दंपति के कपड़े, उनके जूते एक पेड़ के पास साफ-सुथरे ढेर में रखे थे. कुंवर की सोने की चेन भी उसके गले में ही पड़ी थी. पुलिस को अब यह विश्वास हो चला था कि अपराध का मकसद लूट-पाट तो बिल्कुल भी नहीं है.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

उदयपुर के गोगुन्दा क्षेत्र के पचपन साल के भालेश कुमार तांत्रिक ने अब तक की सबसे वीभत्स हत्याओं में से एक से बचने के लिए पूरी सफल कोशिश की थी. लेकिन उनकी गुप्त शक्तियां आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों और सावधानी से की गई जांच को हरा नहीं सकीं. हत्या के आरोप में उसे 22 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया.

गोगुन्दा पुलिस थाने के थाना प्रभारी योगेंद्र व्यास ने कहा, ‘अपराध स्थल ने हमें सोचने पर मजबूर कर दिया था.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमने पहले सोचा था कि यह ऑनर किलिंग या प्रेम त्रिकोण का मामला हो सकता है. लेकिन फिर लगा कि जब वे सेक्स कर रहे थे तो उन्हें सुपर ग्लू से किसने चिपकाया होगा?’

पुलिस के मुताबिक, तांत्रिक ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई थी क्योंकि राहुल उसकी बड़ी बेटी के साथ ‘शारीरिक संबंध’ बनाना चाह रहा था. इस बात का पता लगने पर तांत्रिक नाराज हो गया. पुलिस ने कहा, इसके अलावा, क्योंकि तांत्रिक ने सोनू (राहुल की प्रेमिका) के परिवार को राहुल के साथ उसके विवाहेतर संबंध के बारे में बता दिया था, इसलिए वह तांत्रिक को बलात्कार के एक मामले में फंसाने की धमकी भी दे रही थी.

हत्या के आरोप में आरोपी कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

दिप्रिंट ने मामले पर टिप्पणी के लिए गोगुंडा में उसके परिवार से संपर्क किया था लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. एक रिश्तेदार ने अपना नाम न बताते हुए कहा, ‘हम क्या कह सकते हैं. उसने जो करना था, वो कर दिया.’


यह भी पढ़ें: चुड़ैल से चंदनपुर- गुजरात का यह गांव अपना नाम बदलने की हरसंभव कोशिश करने में जुटा है


भक्तों से नाराजगी और अपराध

प्राचीन किंवदंतियों में देवताओं की तरह भालेश कुमार अपने भक्तों के सपनों को साकार करने का दावा करता था. तांत्रिक के मुताबिक, उसकी दी गई रुद्राक्ष की माला से एक लाख पंद्रह हजार बार जाप, मंत्र या दिव्य नाम का जाप करने वाला भक्त उससे जो चाहे मांग सकते थे.

स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि तांत्रिक काफी उदार था. उन्होंने बताया कि अतीत में सफलतापूर्वक जप करने करने वाले कुछ लोगों ने उनके द्वारा संचालित मठ और मंदिर देने के लिए कहा था, जिसे उसने बिना कोई सवाल किए उनके हाथों में सौंप दिया था.

पुलिस ने कहा कि राहुल मीणा भी कुमार के ऐसे ही शिष्यों में से एक थे, जो मंत्र का जाप करने में लगा हुआ था.

उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया ने दिप्रिंट को बताया, ‘जाप खत्म होने पर राहुल मीणा कुमार से उसकी बेटी को अपनी रखैल बनाने के लिए कहने वाला था.’

उन्होंने आगे कहा, ‘ जब तांत्रिक को इस बात का पता चला तो वह काफी नाराज हो गया और उसने भक्त की हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी.’

पुलिस ने कहा कि तांत्रिक को पता था कि राहुल की एक पत्नी और भरा-पूरा परिवार है और उसके एक अन्य भक्त की पत्नी सोनू के साथ विवाहेत्तर संबंध भी हैं.

कुमार कथित तौर पर सोनू को भी मारना चाहता था क्योंकि उसने छेड़छाड़ के मामले में उसे फंसाने की धमकी दी थी. कंवरिया ने कहा, ‘तांत्रिक ने सोनू के परिवार को राहुल के साथ उसके अफेयर के बारे में बता दिया था और उन्हें उसे राहुल से दूर रखने के लिए कहा. जब सोनू को इस बात का पता चला तो उसने गुस्से से जवाब दिया और उसे छेड़छाड़ या बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी दी. सोनू ने उसे और उसकी तांत्रिक विद्या को जिले के गांवों में बदनाम करने की धमकी भी दी, जिससे वह नाराज हो गया.

पुलिस ने आरोप लगाया कि जब उन दोनों को पता चला कि उनके परिवार ने उन्हें अलग करने के लिए एक मीटिंग बुलाई है तो वो एक साथ जंगल में जाने के लिए तैयार हो गए. कंवरिया ने कहा, ‘ तांत्रिक ने ने उन दोनों से कहा था कि उसने उनके परिवारों से दोनों को फिर से कभी न मिलने के लिए मनाने के का वादा किया है.’

पुलिस ने दावा किया कि आखिरी बार सोनू और राहुल को जंगल में मिलना था, सेक्स करना था और फिर अपने-अपने रास्ते पर चले जाना था.

शातिर कातिल

उदयपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास शर्मा ने दावा किया, कुमार ने बड़ी ही सावधानी से अपने प्रतिशोध का बदला लेने की योजना बनाई थी.

शर्मा ने कहा, ‘वह अक्सर अपने अनुयायियों के लिए ताबीज बनाने के लिए सुपर ग्लू का इस्तेमाल करता था. इससे उनकी उंगलियां भी अकसर आपस में चिपक जाती थीं. तब उसे सूझा कि ग्लू का इस्तेमाल पीड़ितों की आंखों और मुंह को चिपका कर उन्हें अक्षम करने के लिए किया जा सकता है.’

पुलिस ने आरोप लगाया कि तांत्रिक सुपर ग्लू की छोटी शीशियों को सावधानी से एक 200 मिलीलीटर की सीलबंद बोतल में खाली करने लगा. उसने उस चाकू पर भी धार लगानी शुरू कर दी, जिसका इस्तेमाल वह कलावा काटने के लिए करता था.

पुलिस ने दावा किया कि दृश्यम देखकर उसने बड़ी ही सावधानी जंगल की ओर जाने वाले रास्तों की पड़ताल करनी भी शुरू कर दी कि वहां कोई सीसीटीवी कैमरे तो नहीं लगे हैं. इसके साथ-साथ वह अपने बचाव की योजना भी बनाता जा रहा था. वह यह दिखाना चाहता था कि वह घटना वाले दिन वहां मौजूद ही नहीं था.

व्यास ने कहा, ‘ संयोग से, एक पुराने घर के पिछले हिस्से में एक निजी कैमरा लगा हुआ था. जिसके बारे में तांत्रिक अनजान था. इसकी मदद से हमें सफलता मिली.’

आरोप है कि जंगल से निकलकर भालेश कुमार अपने एक भक्त के घर बेटी को जन्मदिन की बधाई देने के लिए चला गया था. उसने उसे पैसे भी दिए. व्यास ने दावा किया कि उसके बाद वह अपने एक और अनुयायी के घर भी गया था.

व्यास ने कहा, ‘अपने भक्तों के घर जाने के लिए वह जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे वाले रास्तों से होते हुए गया था, ताकि यह साबित कर सके कि वह उस दिन कहीं भी अपराध स्थल के आसपास नहीं था.’

सब कुछ योजना के अनुसार चल रहा था. लेकिन तांत्रिक जिन देवताओं की पूजा करता था, कुछ उससे भी ज्यादा शक्तिशाली जादू था, जिसने उसके गुनाहों को सबके सामने ला दिया.

आधुनिक जांच का जादू

पुलिस को एक काली जैकेट अपराध स्थल के पास मिली थी. इसके अलावा वहां मिले सर्जिकल दस्तानों ने पुलिस को वह लीड दी, जिसकी उन्हें जरूरत थी.

उदयपुर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, ‘ राहुल और सोनू की जैकेट उनके अन्य कपड़ों के साथ बड़े करीने से रखी गईं थीं. इसका मतलब था कि तीसरी जैकेट किसी और की थी, संभवत उस हत्यारे की.’ अधिकारी ने कहा कि सर्जिकल दस्तानों पर इंसान की छिली हुई खाल और खून चिपका हुआ था.

अधिकारी ने कहा, ‘हम लगता है कि जब भालेश कुमार ने दस्ताने उतारने की कोशिश की, तो सुपर ग्लू पर उसकी त्वचा और संभवतः पीड़ितों की त्वचा चिपक गई. दस्ताने अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि तांत्रिक और पीड़ितों की त्वचा के साथ उसका मिलान किया जा सके.’

पुलिस राहुल के मोबाइल फोन को भी बरामद करने में सफल रही, जिससे जोड़े की पहचान हो सकी. अपराध स्थल तक पहुंचने के लिए उन दोनों ने जिस रास्ते का इस्तेमाल किया था, उसका पता लगाने के लिए पुलिस ने उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड और उनके फोन के टावर लोकेशन को देखा. इससे उन दोनों ने जिस उबड़-खाबड़ रास्ते का इस्तेमाल किया था, उसे ढूंढ पाने में काफी मदद मिली.

व्यास ने कहा, ‘हमने दो रास्तों को लेकर जांच करनी शुरू की थी. एक राहुल के लिए और दूसरा सोनू के लिए. घर से निकलते समय उन्होंने जिस रास्ते को अपनाया था, उसका पता लगाया गया. एक बार जब हमारे पास उनके सभी रास्तों की जानकारी थी तो हमारी टीम उन रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की तलाश में निकल गई और सभी संभावित बिंदुओं से डंप मिला.’

इसने पुलिस को सफलता का रास्ता दिखाया.

उदयपुर पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि सोनू के घर के नजदीक ही एक घर के पीछे एक निजी सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था. इसके फुटेज में वह तीनों लोग बाइक पर बाहर जाते नजर आ रहे थे. बीच में सोनू बैठी थी, पीछे राहुल और बाइक पर एक तीसरा व्यक्ति भी सवार था. अधिकारियों ने दावा किया कि जब पुलिस ने करीब से देखा, तो पाया कि तीसरे व्यक्ति ने वही काली जैकेट पहनी हुई थी, जो उन्हें अपराध स्थल पर मिली थी.

व्यास ने कहा, ‘वहां हमें वह आदमी मिला जिसकी हम तलाश कर रहे थे. वह वही काली जैकेट पहने बाइक चला रहा था और सोनू उसके पीछे बैठी थी. राहुल भी साथ था. हमने बाइक का नंबर देखने की कोशिश की, लेकिन उस फुटेज में यह साफ नजर नहीं आ रहा था.’

इस बीच पुलिस को एक और फुटेज मिला, जो हाईवे पर एक अन्य कैमरे में कैद था. इसमें भी उस काली जैकेट पहने सवार को बाइक पर देखा जा सकता था. हालांकि इस फुटेज में भी रजिस्ट्रेशन नंबर साफ नजर नहीं आ रहा था. लेकिन पुलिस को यहां एक और अहम सुराग मिल गया- बाइक की हेडलाइट पर बना हुआ एक सांप.

व्यास ने कहा, ‘हमने इलाके में ऐसी बाइक की तलाश के लिए तुरंत अपनी टीमों को जुटाया.’ उन्होंने आगे बताया, ‘जब हमारी टीम सोनू के घर गई और ऐसी बाइक के बारे में पूछताछ की तो उसके पड़ोसियों में से एक ने कहा कि यह एक बाउजी (पिता के समान एक बड़े के लिए सम्मान का शब्द) की है, जो घर पर अक्सर आते-जाते रहे हैं.’

‘जब टीमों ने बाउजी को खोजने के लिए गहरी पड़ताल की तो यह हमें तांत्रिक तक ले गई. कुछ पड़ोसी उसे जानते थे. उसके बाद उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया.’

पुलिस ने कहा, ‘जब उसे पूछताछ के लिए स्टेशन बुलाया गया तो हम उसे सीसीटीवी फुटेज में सवार के रूप में पहचानने में सक्षम थे. उसके हाथ में भी चोटें थीं – सुपर ग्लू की वजह से उसके हाथ की खाल छिल गई थी और कुछ कट के निशान भी थे, जो शायद हत्या करते समय लगे होंगे.’

जांच के बारे में बात करते हुए, शर्मा ने दिप्रिंट को बताया, ‘यह एक जटिल मामला था, लेकिन पूरी टीम ने इसे सफल बनाने के लिए अथक प्रयास किया’

(अनुवाद: संघप्रिया मौर्य)

(इस ख़बर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: टिंडर से लेकर बम्बल तक- श्रद्धा की हत्या के बाद डेटिंग ऐप पर राइट स्वाइप करने से हिचक रहीं महिलाएं


share & View comments