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Monday, 27 April, 2026
होमदेशबंटवारे के मुकदमों में अंतिम निर्णय लेने में देरी पर न्यायालय ने कड़ी आपत्ति जताई

बंटवारे के मुकदमों में अंतिम निर्णय लेने में देरी पर न्यायालय ने कड़ी आपत्ति जताई

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नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को संपत्ति बंटवारे से जुड़े मुकदमों में प्रारंभिक निर्णय देने के बाद सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत अंतिम ‘डिक्री’ (फैसला) कार्यवाही शुरू करने में निचली अदालतों की ओर से की जाने वाली देरी पर कड़ी आपत्ति जताई।

न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने देश की सभी निचली अदालतों को निर्देश दिया कि वे बंटवारे के मुकदमों से निपटने के दौरान न्याय करने में देरी से बचने के लिए प्रारंभिक निर्णय के ठीक बाद अंतिम फैसला पारित करने की प्रक्रिया शुरू करें।

पीठ ने कहा, ‘‘हमारा विचार है कि एक बार निचली अदालतों द्वारा प्रारंभिक निर्णय पारित करने के बाद अदालत को अंतिम फैसला तैयार करने के लिए मामले को आगे बढ़ाना चाहिए।”

शीर्ष अदालत ने केरल उच्च न्यायालय के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि शादी के सबूत के अभाव में एक पुरुष और महिला के साथ रहने के दौरान पैदा हुआ बेटा पैतृक संपत्तियों में हिस्से का हकदार नहीं है।

भाषा

शफीक पारुल

पारुल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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