कोटद्वार (उत्तराखंड), 29 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने मंगलवार को उत्तराखंड में राजाजी और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ‘बफर जोन’ का निरीक्षण किया तथा मानदंडों का उल्लंघन कर वहां निर्मित ढांचों का संज्ञान लिया।
सीईसी ने सोमवार को राजाजी नेशनल पार्क के ‘बफर जोन’ में स्थित लैंसडाउन फॉरेस्ट डिवीजन लालढांग रेंज में निर्माणाधीन चिल्लरखाल-लालढांग सड़क मार्ग का भी निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान टीम ने चमरिया पुल, मेहली सोत, सिगडी सोत के पुलों की डिजाइन पर सवाल उठाए, जो वन्यजीवों की आवाजाही के लिए गलियारे हैं।
कॉर्बेट नेशनल पार्क के कालागढ़ वन मंडल के पखरो रेंज में निर्माणाधीन कोटद्वार-चिल्लरखाल-लालढांग रोड को मजबूत करने के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय के वकील गौरव कुमार बंसल की ओर से शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई थी।
इस संबंध में उच्चतम न्यायालय ने पी वी जय कृष्ण की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय सीईसी का गठन किया गया था, जिसने अवैध निर्माण की शिकायतों के बाद कॉर्बेट और राजाजी बफर जोन का निरीक्षण किया।
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