scorecardresearch
Monday, 16 March, 2026
होमदेशअदालत ने 2023 के संसद सुरक्षा चूक मामले की आरोपी को एलएलबी प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति दी

अदालत ने 2023 के संसद सुरक्षा चूक मामले की आरोपी को एलएलबी प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति दी

Text Size:

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2023 के संसद सुरक्षा चूक मामले में जमानत पर रिहा नीलम आजाद को एलएलबी पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश परीक्षा देने के उद्देश्य से राजधानी से बाहर जाने की शुक्रवार को अनुमति दे दी।

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने आजाद की जमानत की शर्तों में संशोधन किया और उसे प्रवेश परीक्षा की तारीख की जानकारी जांच अधिकारी को देने को कहा।

अदालत ने दो जुलाई, 2025 को आजाद को सशर्त जमानत दी थी, जिनमें यह शर्त भी शामिल थी कि वह अदालत की अनुमति के बिना दिल्ली नहीं छोड़ेगी।

अपनी अर्जी में, आजाद ने अदालत से जमानत की शर्तों में संशोधन करने का आग्रह किया और कहा कि वह एक गरीब परिवार से है और हरियाणा स्थित अपने पैतृक गांव में जाकर रहना चाहती है।

उसने यह भी कहा कि वह एलएलबी की पढ़ाई करना चाहती है, जिसके लिए उसे प्रवेश परीक्षा देनी होगी, जो संभवतः दिल्ली से बाहर आयोजित की जाएगी। उसके वकील ने आश्वासन दिया कि वह जमानत की सभी शर्तों का पालन कर रही है।

अदालत ने आजाद को उसके पैतृक गांव जाने और वहां रहने की अनुमति भी दी और उसे हर महीने की 15 तारीख को स्थानीय थाने में हाजिर होने को कहा। जमानत आदेश में उसे हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 10 बजे स्थानीय थाने में हाजिर होने का निर्देश दिया गया था।

वर्ष 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी पर, आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी ने शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में छलांग लगाई, कनस्तरों से पीली गैस छोड़ी और नारेबाजी की, जिसके बाद कुछ सांसदों ने उन्हें काबू में कर लिया।

ठीक उसी समय, दो अन्य आरोपियों अमोल शिंदे और आजाद ने कथित तौर पर संसद परिसर के बाहर “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाते हुए कैन से रंगीन गैस का छिड़काव किया।

भाषा आशीष प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments