ठाणे (महाराष्ट्र), 29 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को यहां कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में उनकी ‘आपत्तिजनक टिप्पणियों’ को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
पार्टी ने यह भी मांग की कि बागेश्वर धाम के मुख्य पुजारी के महाराष्ट्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए।
पार्टी ने कहा कि शिवाजी महाराज का अपमान करने वालों के लिए महाराष्ट्र में कोई जगह नहीं है। उसने यह भी कहा कि प्रदर्शन का नेतृत्व ठाणे जिला अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण ने किया।
चव्हाण ने कहा,‘‘छत्रपति शिवाजी महाराज हमारी पहचान के प्रतीक हैं। हम बागेश्वर धाम बाबा जैसे लोगों को बर्दाश्त नहीं करेंगे, जो उनके बारे में अपमानजनक बयान देते हैं। इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि इसके पीछे किसका हाथ है।’’
उन्होंने शास्त्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन और तेज करने की चेतावनी दी।
विरोध प्रदर्शनों के बीच, शास्त्री ने रविवार को छत्रपति शिवाजी महाराज पर अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी। उन्होंने कुछ लोगों पर सोशल मीडिया पर उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का दावा किया।
नागपुर में एक कार्यक्रम में शास्त्री के इस दावे के बाद विवाद खड़ा हो गया कि शिवाजी महाराज ने युद्ध से थक जाने के कारण अपने दायित्वों का त्याग करने की इच्छा व्यक्त की थी और अपना मुकुट लेकर अपने ‘गुरु’ समर्थ रामदास के पास गए थे।
भाषा राजकुमार रंजन
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