नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी इन दिनों खास चर्चा में है. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल पर शुरू हुई यह घड़ी आम जनता से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को आकर्षित कर रही है. 29 अप्रैल को अपने उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इस घड़ी का अवलोकन किया और इसकी कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा.
यह घड़ी केवल समय नहीं बताती, बल्कि सूर्योदय, मुहूर्त, ग्रहों की स्थिति और पंचांग की सटीक जानकारी भी देती है. खास बात यह है कि यह पारंपरिक घंटे-मिनट प्रणाली पर नहीं, बल्कि सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय चक्र पर आधारित है.
इस घड़ी को उज्जैन स्थित महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के विद्वानों ने तैयार किया है. इससे पहले इसे महाकालेश्वर मंदिर में स्थापित किया जा चुका है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन को विश्व का प्राइम मेरिडियन बनाने के प्रयासों पर जोर दे रहे हैं. उनका मानना है कि भारतीय वैदिक समय गणना वैज्ञानिक और अधिक सटीक है, जिसे वैश्विक पहचान मिलनी चाहिए.