नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 4,399 दिन प्रधानमंत्री पद पर रहने और सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे “संदिग्ध तरीके से गढ़ा गया कीर्तिमान” बताते हुए भाजपा पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की विरासत को मिटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री बने थे और उनके नेतृत्व में स्वतंत्र भारत की नींव रखी गई. उन्होंने कहा कि नेहरू के कार्यकाल में 560 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में शांतिपूर्ण विलय हुआ, संविधान का निर्माण हुआ, जमींदारी प्रथा समाप्त की गई, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण लागू किया गया तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे की स्थापना की गई.
जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त, 1947 को भारत के प्रधानमंत्री बने। उन्होंने एक ऐसी असाधारण कैबिनेट का नेतृत्व किया, जैसी मिसालें दुनिया में बहुत कम देखने को मिलती हैं। अगले पांच वर्षों में आधुनिक भारत आकार लेने लगा।
560 से अधिक रियासतों का शांतिपूर्ण तरीके से भारतीय संघ में विलय किया…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 10, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को कमजोर कर रही है, वैज्ञानिक सोच को नुकसान पहुंचा रही है और निजीकरण के जरिए आरक्षण व्यवस्था को कमजोर कर रही है.
जयराम रमेश ने कहा कि नेहरू काल की उपलब्धियों को मिटाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर नेहरू के प्रति “अत्यधिक जुनून” रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि भले ही उन्होंने आज एक स्वयं घोषित रिकॉर्ड बना लिया हो, लेकिन देश में लोकतंत्र की संस्थाएं खतरे में हैं.
कांग्रेस नेता ने नीट-यूजी पेपर लीक, सीबीएसई से जुड़े विवादों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि शिक्षा संस्थानों को कमजोर करने से वैज्ञानिक सोच को नुकसान पहुंचा है.
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि जहां नेहरू ने 1952, 1957 और 1962 के आम चुनावों में स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, वहीं मोदी 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने दम पर बहुमत नहीं ला सके और उन्हें एनडीए के सहयोग से सरकार बनानी पड़ी.
वहीं कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी भाजपा के दावे को “प्रचार अभियान” करार दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा 26 जनवरी 1950 से गणना कर रही है और “सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर नेहरू से आगे निकलने का दावा कर रही है.
सिंघवी ने कहा कि भारत की स्वतंत्र यात्रा 15 अगस्त 1947 से शुरू हुई थी, न कि 26 जनवरी 1950 से. उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड गढ़ने और राजनीतिक प्रचार करने के बजाय सरकार को जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.
उधर, प्रधानमंत्री मोदी के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी तुलना नेहरू से किए जाने की बहस तेज हो गई है.