लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू किया गया ‘प्रोजेक्ट गंगा’ उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल क्रांति लाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होने जा रहा है. इस योजना के तहत गांवों तक हाई स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाया जाएगा और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे.
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आज के समय में हाई स्पीड इंटरनेट सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरत बन चुका है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इस योजना के जरिए पहले न्याय पंचायतों और बाद में ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी.
उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रदेश में 8 से 10 हजार डिजिटल सेवा प्रदाता (डीएसपी) तैयार किए जाएंगे. इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार योजना में महिलाओं को 50 प्रतिशत से अधिक पदों पर प्राथमिकता दी जाएगी.
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि चयनित युवाओं को प्रशिक्षण देकर डिजिटल उद्यमी बनाया जाएगा, ताकि वे अपने गांव में रहकर ही रोजगार प्राप्त कर सकें. उन्होंने बताया कि इंटरनेट कनेक्शन बढ़ने के साथ डिजिटल सेवा प्रदाताओं की आय भी बढ़ेगी. शुरुआती चरण में उनकी मासिक आय लगभग 20 हजार रुपये तक पहुंच सकती है, जबकि कनेक्शनों की संख्या बढ़ने पर यह आय एक लाख रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है.
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर इस परियोजना की लागत 5.53 लाख रुपये होगी. इसमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. लाभार्थी को केवल 50 हजार रुपये मार्जिन मनी के रूप में निवेश करने होंगे.