नई दिल्ली: चुनाव आयोग के खिलाफ CJP के नेतृत्व में संगठनों के प्रस्तावित प्रदर्शन के दिन दिल्ली पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के लिए कानूनी अनुमति नहीं दी गई है.
CJP कार्यकर्ता अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली आने वाली फ्लाइट में सवार थे. दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरते समय उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें दावा किया कि दिल्ली पुलिस उन्हें और उनके साथियों को हिरासत में लेने के लिए विमान के अंदर पहुंची.
#WATCH | Delhi Police personnel enter the aircraft that was carrying Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke to Delhi. The flight landed at IGI Airport a few minutes ago.
"…I have come here to be arrested; arrest me," Abhijeet Dipke tells Delhi Police
"No, this is… pic.twitter.com/wz9jSXgNH2
— ANI (@ANI) October 10, 2026
दीपके ने वीडियो में आरोप लगाया कि पुलिस विमान के अंदर आकर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन उन्हें अपराधियों की तरह फ्लाइट से ही उठाया जा रहा है. दीपके ने इसे ‘तानाशाही’ बताया और कहा कि वे पुलिस से नहीं डरते.
CJP ने अपनी लीगल हेड रत्ना सिंह का भी एक वीडियो पोस्ट किया. रत्ना सिंह ने दावा किया कि जब वह अपने घर से कार से निकलने की कोशिश कर रही थीं, तभी पुलिस वहां पहुंच गई. उनके मुताबिक, पुलिस ने कहा कि उन्हें हिरासत में लेने के ‘ऊपर से आदेश’ हैं. रत्ना सिंह ने दावा किया कि पुलिस उन्हें घर पर ही हिरासत में रखना चाहती थी.
CJP ने कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिए जाने का दावा किया. पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा.
वहीं, दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बताया कि अलग-अलग जगहों से अलग-अलग समूहों में आए करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस के मुताबिक, करीब 50 ऐसे लोगों को भी एहतियातन पकड़ा गया है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, ताकि वे माहौल खराब न कर सकें या लोगों को भड़का न सकें.
पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था के तहत नई दिल्ली जिले को 20 ऑपरेशनल जोन में बांटा गया है और हर जोन के लिए अलग हिरासत केंद्र बनाए गए हैं.
जंतर मंतर और संसद मार्ग पर जुटे कई प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया. दिल्ली में कई जगहों पर भारी सुरक्षा और बैरिकेडिंग की गई है. CJP कार्यकर्ता चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने के अपने फैसले पर कायम हैं.