नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक में पार्टी ने अपनी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं. उन्होंने दावा किया कि सरकार ने मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग पर सिद्धांततः सहमति जताई है.
जंतर-मंतर पर मीडिया से बात करते हुए सौरव दास ने कहा, “मैं और आशुतोष रांका जब बैठक में पहुंचे, तब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद थे. हमने अपनी तीन मुख्य मांगें लिखित और मौखिक रूप से सरकार के सामने रखीं.”
उन्होंने कहा कि पहली और सबसे अहम मांग यह है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान या तो इस्तीफा दें या उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया जाए.
दूसरी मांग उन सभी परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की है, जिनके बच्चों ने कथित तौर पर NEET परीक्षा व्यवस्था से जुड़े तनाव के कारण आत्महत्या की.
तीसरी मांग यह है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR वापस ली जाएं और भविष्य में भी उनके खिलाफ कोई नया मामला दर्ज न किया जाए.
सौरव दास ने कहा कि पार्टी ने सरकार से यह भी मांग की है कि वह लिखित संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) दे कि भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी को निशाना नहीं बनाया जाएगा.
उन्होंने बताया कि CJP ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 5 सूत्रीय सुझाव भी सरकार को सौंपे हैं.
दास के मुताबिक, “सरकार ने मुआवजा और FIR वापस लेने की मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है. सरकार ने सिद्धांततः इन मांगों को स्वीकार किया है. इसी वजह से हमें कल फिर बातचीत के लिए बुलाया गया है.”
CJP के नेता आशुतोष रांका ने भी कहा कि सरकार ने उनकी तीन मुख्य मांगों में से दो पर काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, “सरकार ने 1 करोड़ रुपये मुआवजा और कानूनी मामलों से जुड़ी हमारी मांगों पर सिद्धांततः सहमति जताई है. इसमें पहले से दर्ज FIR वापस लेने के साथ-साथ भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं करने की हमारी मांग भी शामिल है.”
रांका ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इन मांगों पर लिखित आश्वासन देगी.
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